
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में आज का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित स्वास्थ्य नियामक संस्था, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने आज अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) के उपचार के लिए अपनी तरह के पहले पोर्टेबल मेडिकल डिवाइस ‘Optune Pax’ को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह तकनीक उन लाखों मरीजों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है, जिनके लिए अब तक सर्जरी या कीमोथेरेपी जैसे पारंपरिक विकल्प सीमित या निष्प्रभावी साबित हो रहे थे।
क्या है ‘Optune Pax’ और यह कैसे काम करता है?
‘Optune Pax’ एक पहनने योग्य (Wearable) और पोर्टेबल डिवाइस है जो ट्यूमर ट्रीटिंग फील्ड्स (TTFields) तकनीक पर आधारित है। यह डिवाइस पेट के ऊपरी हिस्से पर पहना जाता है और इसमें लगे ट्रांसड्यूसर एरेज़ (Transducer Arrays) शरीर के भीतर निम्न-तीव्रता वाली मध्यवर्ती आवृत्ति की विद्युत तरंगें (Electric Fields) भेजते हैं।
कार्यप्रणाली:
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कोशिका विभाजन को रोकना: कैंसर कोशिकाएं बहुत तेजी से विभाजित होती हैं। यह डिवाइस उन विद्युत तरंगों का उपयोग करता है जो कैंसर कोशिकाओं के विभाजन की प्रक्रिया (Mitosis) में बाधा डालती हैं।
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स्वस्थ कोशिकाओं की सुरक्षा: चूँकि कैंसर कोशिकाओं के भौतिक गुण स्वस्थ कोशिकाओं से भिन्न होते हैं, इसलिए यह तकनीक स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुँचाए बिना केवल ट्यूमर कोशिकाओं को निशाना बनाती है।
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निरंतर उपचार: पोर्टेबल होने के कारण मरीज इसे घर पर रहते हुए या अपनी दैनिक गतिविधियों के दौरान भी पहन सकता है, जिससे अस्पताल में रुकने की जरूरत कम हो जाती है।
अग्नाशय कैंसर के मरीजों के लिए क्यों है यह ‘गेम-चेंजर’?
अग्नाशय कैंसर को दुनिया के सबसे घातक कैंसरों में से एक माना जाता है क्योंकि अक्सर इसका पता बहुत देर से चलता है। कई मामलों में ट्यूमर ऐसी जगह होता है जहाँ सर्जरी करना संभव नहीं होता। ऐसे में ‘Optune Pax’ निम्नलिखित कारणों से क्रांतिकारी है:
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गैर-आक्रामक (Non-invasive): इसमें शरीर के भीतर किसी भी प्रकार की चीर-फाड़ की आवश्यकता नहीं होती।
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बढ़ी हुई जीवन प्रत्याशा: नैदानिक परीक्षणों (Clinical Trials) में देखा गया है कि जब इस डिवाइस को कीमोथेरेपी के साथ इस्तेमाल किया गया, तो मरीजों की जीवित रहने की दर (Survival Rate) में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया।
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साइड इफेक्ट्स में कमी: कीमोथेरेपी के विपरीत, इस डिवाइस के दुष्प्रभाव बहुत कम हैं, जिनमें मुख्य रूप से त्वचा पर हल्की जलन ही देखी गई है।
चिकित्सा जगत की प्रतिक्रिया
कैंसर विशेषज्ञों का मानना है कि TTFields तकनीक का अग्नाशय कैंसर तक विस्तार करना एक बड़ी सफलता है। इससे पहले इस तकनीक का सफल प्रयोग मस्तिष्क कैंसर (Glioblastoma) के इलाज में किया जा चुका है। ऑन्कोलॉजिस्ट्स (Oncologists) का कहना है कि यह डिवाइस उन मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा जिनके पास इलाज के अन्य विकल्प समाप्त हो चुके थे।
निष्कर्ष
‘Optune Pax’ की मंजूरी ने कैंसर देखभाल (Cancer Care) के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। हालांकि, वर्तमान में यह अमेरिकी बाजार के लिए अनुमोदित है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही भारत सहित अन्य देशों के स्वास्थ्य नियामक भी इस तकनीक को मान्यता देंगे। यह डिवाइस साबित करता है कि बायो-इलेक्ट्रॉनिक चिकित्सा भविष्य में कैंसर जैसे जटिल रोगों के प्रबंधन में सबसे प्रभावी हथियार बन सकती है।