
मुंबई। क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है और आज मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में इस कहावत ने एक नया अध्याय लिख दिया। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-सी मुकाबले में एक ऐसा परिणाम सामने आया जिसकी कल्पना शायद ही किसी क्रिकेट विश्लेषक ने की थी। फुटबॉल की महाशक्ति मानी जाने वाली इटली ने अपने पहले ही विश्व कप में क्रिकेट की उभरती हुई ताकत नेपाल को 10 विकेट के शर्मनाक अंतर से हरा दिया। यह न केवल इटली के क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीत है, बल्कि विश्व कप इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक के रूप में दर्ज हो गई है।
नेपाली बल्लेबाजी का पतन: 123 रनों पर सिमटी पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल की टीम से उम्मीद थी कि वे वानखेड़े की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर एक बड़ा स्कोर खड़ा करेंगे। हालांकि, शुरुआत से ही पासा उल्टा पड़ गया। इटली के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी और सटीक रणनीति के साथ नेपाली बल्लेबाजों को बांधे रखा।
इटली के तेज गेंदबाज क्रिशन कलुगामेगे आज अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ स्पेल में थे। उन्होंने अपनी स्विंग और गति से नेपाल के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। नेपाल के बल्लेबाज एक के बाद एक खराब शॉट खेलकर पवेलियन लौटते रहे। मध्यक्रम में भी कोई बड़ी साझेदारी नहीं हो सकी और पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों से पहले ही महज 123 रनों पर ढेर हो गई। कलुगामेगे ने मैच में घातक गेंदबाजी करते हुए महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिसने मैच का रुख पूरी तरह इटली की तरफ मोड़ दिया।
इटली की जवाबी कार्रवाई: 10 विकेट की बेमिसाल जीत
124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इटली की टीम ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने वानखेड़े में मौजूद दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। इटली के दोनों सलामी बल्लेबाजों ने नेपाली स्पिनरों और तेज गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
उन्होंने न केवल संभलकर बल्लेबाजी की, बल्कि ढीली गेंदों को सीमा रेखा के बाहर भेजकर रन गति को भी बनाए रखा। नेपाल की फील्डिंग में भी आज वो धार नजर नहीं आई जिसके लिए वे जाने जाते हैं। इटली ने बिना कोई विकेट खोए (127/0) बेहद आसानी से इस लक्ष्य को हासिल कर लिया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इटली ने खेल के हर विभाग—बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—में नेपाल को पीछे छोड़ दिया।
इटली के लिए ऐतिहासिक पल
यह जीत इटली के लिए केवल दो अंक नहीं है, बल्कि एक राष्ट्र के रूप में उनके क्रिकेट के प्रति बढ़ते जुनून का प्रतीक है। आमतौर पर इटली को उसके फुटबॉल इतिहास (अज़ुरी) के लिए जाना जाता है, लेकिन आज ‘ब्लू’ जर्सी में इन क्रिकेटरों ने साबित कर दिया कि वे विश्व मंच पर किसी भी टीम को चुनौती दे सकते हैं।
नेपाल के लिए आत्ममंथन का समय
दूसरी ओर, नेपाल के लिए यह हार एक बड़े झटके की तरह है। हजारों की संख्या में स्टेडियम पहुंचे नेपाली प्रशंसकों के लिए यह दिन निराशाजनक रहा। नेपाल को अपनी बल्लेबाजी की विफलताओं पर गहराई से विचार करना होगा, क्योंकि इस हार के बाद उनकी अगले दौर (सुपर 8) में पहुँचने की राह काफी कठिन हो गई है।
निष्कर्ष
वानखेड़े स्टेडियम में आज क्रिकेट ने एक नई कहानी लिखी। क्रिशन कलुगामेगे को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए हीरो माना जा रहा है। इटली की इस 10 विकेट की जीत ने पूरे टूर्नामेंट को खुला छोड़ दिया है और यह संदेश दिया है कि इस विश्व कप में किसी भी टीम को कम आंकना आत्मघाती साबित हो सकता है।