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बजट 2026 से उम्मीदें: क्या श्रीगंगानगर के ‘अन्न कटोरे’ में बरसेगी राहत?

श्रीगंगानगर, 10 फरवरी 2026: राजस्थान की भजनलाल सरकार कल, 11 फरवरी को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही है। राजस्थान का ‘अन्न कटोरा’ कहा जाने वाला श्रीगंगानगर जिला इस समय आशा और आशंकाओं के दोराहे पर खड़ा है। जिले की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि पर टिकी है, इसलिए यहां के किसानों, व्यापारियों और युवाओं की नजरें सीधे तौर पर सिंचाई, एमएसपी और रोजगार से जुड़ी घोषणाओं पर टिकी हैं।


1. सिंचाई और नहरी पानी: जीवनरेखा की मजबूती की मांग

श्रीगंगानगर के लिए पानी ही सब कुछ है। गंगनहर और इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के अंतिम छोर (टेल) तक पानी पहुँचाना यहाँ की पुरानी समस्या है।

  • नहरों का नवीनीकरण: किसानों को उम्मीद है कि बजट में पुरानी हो चुकी नहरों के जीर्णोद्धार और पक्का करने के लिए विशेष फंड जारी होगा।

  • डिजिटल बाराबंदी: पिछले वर्ष जिले में शुरू हुए ‘डिजिटल बाराबंदी सिस्टम’ की सफलता को देखते हुए, इसे पूरे जिले और संभाग में लागू करने के लिए बजट की उम्मीद की जा रही है।

  • सैम की समस्या: जिले के कई इलाकों में जलजमाव (सैम) के कारण भूमि बंजर हो रही है। किसान चाहते हैं कि इसके स्थायी समाधान के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम की घोषणा हो।

2. कृषि स्टार्टअप्स और आधुनिक खेती

परंपरागत खेती के साथ-साथ श्रीगंगानगर का युवा अब एग्री-टेक की ओर बढ़ रहा है।

  • एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट्स: जिले में किन्नू, सरसों और गेहूं का भारी उत्पादन होता है। लोगों की मांग है कि स्थानीय स्तर पर ही फूड प्रोसेसिंग प्लांट और कृषि स्टार्टअप्स के लिए विशेष रियायतें और सब्सिडी दी जाए, ताकि फसलों का सही मूल्य मिल सके।

  • ड्रोन सब्सिडी: टिड्डी दल या कीट नियंत्रण के लिए कृषि ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु बजट में प्रोत्साहन राशि की उम्मीद की जा रही है।

3. एमएसपी और आर्थिक सुरक्षा

वर्तमान में खेती की बढ़ती लागत (खाद, बीज और डीजल) ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

  • बोनस की उम्मीद: गेहूं और सरसों जैसी मुख्य फसलों पर राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त ‘बोनस’ की घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ऋण सीमा में वृद्धि: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने और ब्याज सब्सिडी को जारी रखने की मांग प्रमुख है।

4. शिक्षा और स्वास्थ्य: बुनियादी ढाँचे का विस्तार

सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि सामाजिक ढांचे को लेकर भी उम्मीदें बड़ी हैं:

  • नया मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर: जिला अस्पताल में आधुनिक मशीनों और ट्रॉमा सेंटर के विस्तार की मांग की जा रही है।

  • स्किल डेवलपमेंट: युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने के लिए नए कौशल विकास केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्र (RIICO) के विस्तार की अपेक्षा है।


निष्कर्ष

कल का बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि श्रीगंगानगर के भविष्य का खाका होगा। क्या सरकार ‘अन्नदाता’ की झोली भरेगी या घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रहेंगी? इसका जवाब कल दोपहर तक साफ हो जाएगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️