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WHO की चेतावनी: क्या हम 40% कैंसर को होने से रोक सकते हैं? जानें बचाव का विज्ञान और जीवनशैली का गणित

जेनेवा/नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और कैंसर पर शोध करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था IARC (International Agency for Research on Cancer) ने आज, 9 फरवरी 2026 को एक संयुक्त रिपोर्ट जारी की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान एक कड़वे मगर उम्मीद भरे सच की ओर खींचा है। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में होने वाले कैंसर के कुल मामलों में से 10 में से 4 मामले (करीब 40%) पूरी तरह से रोके जा सकते हैं।

यह खुलासा इस धारणा को चुनौती देता है कि कैंसर केवल ‘किस्मत’ या ‘जेनेटिक्स’ का खेल है। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि हमारी रोजमर्रा की आदतें और पर्यावरण, कैंसर को न्योता देने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।


कैंसर के सबसे बड़े ‘दुश्मन’: आंकड़ों की जुबानी

IARC के अध्ययन ने उन प्रमुख कारकों को चिन्हित किया है, जिन्हें यदि नियंत्रित किया जाए तो लाखों जानें बचाई जा सकती हैं:

  1. तंबाकू (15% मामले): तंबाकू आज भी कैंसर का सबसे बड़ा और घातक कारण बना हुआ है। फेफड़ों, मुंह और गले के कैंसर के पीछे मुख्य वजह सिगरेट, बीड़ी और चबाने वाला तंबाकू है।

  2. संक्रमण (10% मामले): कई लोग यह जानकर हैरान रह जाते हैं कि संक्रमण भी कैंसर का कारण बनता है। हेपेटाइटिस-बी, सी और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) जैसे संक्रमण लिवर और सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार हैं।

  3. शराब (3% मामले): शराब का सेवन लिवर, ब्रेस्ट और कोलन कैंसर के जोखिम को सीधे तौर पर बढ़ाता है।

  4. मोटापा और खराब आहार: प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक चीनी और शारीरिक निष्क्रियता भी कैंसर के खतरे को तेजी से बढ़ा रही है।

WHO का देशों को सख्त संदेश: ‘इलाज से बेहतर बचाव’

WHO के महानिदेशक ने इस रिपोर्ट के जरिए दुनिया भर की सरकारों से आग्रह किया है कि वे केवल कैंसर अस्पतालों के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि बचाव (Prevention) पर अधिक निवेश करें। संगठन ने दो मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है:

  • टीकाकरण (Vaccination): WHO ने जोर दिया है कि यदि HPV वैक्सीन और हेपेटाइटिस-बी के टीके को सार्वभौमिक बना दिया जाए, तो सर्वाइकल और लिवर कैंसर के मामलों में भारी गिरावट आएगी।

  • वायु गुणवत्ता में सुधार: प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM 2.5) फेफड़ों के कैंसर के लिए एक अदृश्य खतरा बन चुके हैं।

जीवनशैली में बदलाव: आप क्या कर सकते हैं?

रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि एक आम व्यक्ति अपनी जीवनशैली में छोटे सुधार करके कैंसर के खतरे को न्यूनतम कर सकता है:

  • तंबाकू और शराब से पूर्ण परहेज: यह कैंसर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

  • स्वस्थ वजन बनाए रखना: नियमित व्यायाम और संतुलित आहार कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकता है।

  • स्क्रीनिंग और चेकअप: समय-समय पर की जाने वाली जांच से कैंसर का शुरुआती स्तर पर पता चल जाता है, जिससे उपचार 100% सफल हो सकता है।


निष्कर्ष

WHO की यह चेतावनी डराने के लिए नहीं, बल्कि हमें सशक्त बनाने के लिए है। 40% कैंसर के मामलों का रोका जा सकना इस बात का प्रमाण है कि हमारे स्वास्थ्य की डोर काफी हद तक हमारे अपने हाथों में है। यदि समाज और सरकारें मिलकर तंबाकू नियंत्रण और स्वास्थ्य शिक्षा पर काम करें, तो कैंसर मुक्त भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।

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