
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के रावला थाना क्षेत्र में तीन महीने पहले हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस घटना को अब तक एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा माना जा रहा था, वह वास्तव में अवैध संबंधों और धोखे की बुनियाद पर रची गई एक सोची-समझी हत्या (मर्डर मिस्ट्री) निकली। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
क्या था पूरा मामला?
करीब तीन महीने पहले रावला निवासी आशिष कुमार की एक सड़क दुर्घटना में मौत की खबर सामने आई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आशीष अपनी पत्नी अंजलि के साथ बाइक पर जा रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंजलि को मामूली चोटें आईं। उस समय अंजलि ने रोते-बिलखते हुए इसे एक हादसा बताया, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
संदेह की सुई और पुलिस की जांच
हादसे के कुछ समय बाद आशीष के परिजनों को अंजलि के व्यवहार पर संदेह होने लगा। आशीष के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अंजलि के किसी अन्य युवक के साथ अवैध संबंध हैं और उन्हें शक है कि आशीष की मौत कोई इत्तफाक नहीं थी। पुलिस ने जब अंजलि के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले, तो सारा सच परत-दर-परत खुलने लगा।
जांच में सामने आया कि अंजलि का संजय नाम के युवक के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आशीष इन दोनों के बीच की सबसे बड़ी दीवार बना हुआ था। अंजलि और संजय ने मिलकर आशीष को रास्ते से हटाने के लिए एक ऐसी साजिश रची जो कानून की नजर में महज़ एक एक्सीडेंट लगे।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
9 फरवरी को पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हत्या के दिन अंजलि ने आशीष को प्यार के झांसे में लेकर घूमने के बहाने घर से बाहर निकाला। उसने पहले ही अपने प्रेमी संजय को उनकी लोकेशन दे दी थी। संजय ने अपने दो साथियों को किराए पर लिया और एक भारी वाहन के जरिए आशीष की बाइक को पीछे से टक्कर मारी।
साजिश को पुख्ता बनाने के लिए अंजलि खुद भी बाइक से गिरी ताकि वह चश्मदीद गवाह बन सके और खुद को पीड़ित दिखा सके। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए गलत दिशा और गलत वाहन का हुलिया बताया था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
गहन पूछताछ के बाद अंजलि टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए:
-
मुख्य आरोपी अंजलि (पत्नी)
-
उसका प्रेमी संजय
-
वारदात में शामिल दो अन्य सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने अपराध को छिपाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्डिंग ने उनकी पोल खोल दी।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना मानवीय रिश्तों के गिरते स्तर और वैवाहिक जीवन में बढ़ते विश्वासघात की एक कड़वी हकीकत बयां करती है। एक पत्नी जिसे रक्षक माना जाता था, वही भक्षक बन गई। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे आगे की पूछताछ जारी है ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य सबूतों को बरामद किया जा सके।