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‘6-7 डेटिंग ट्रेंड’: जब ‘बोरिंग’ होना ही बन गया रिश्तों का नया सुपरपावर

मुंबई/न्यूयॉर्क। साल 2026 के रिलेशनशिप ट्रेंड्स में एक चौंकाने वाला लेकिन सुखद बदलाव देखने को मिल रहा है। जहाँ कुछ साल पहले तक लोग ‘परफेक्ट 10/10’ पार्टनर या फिल्मी ‘इलेक्ट्रिक केमिस्ट्री’ की तलाश में रहते थे, वहीं अब ‘6-7 डेटिंग’ का नया मंत्र युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा यह ट्रेंड इस विचार पर आधारित है कि जुनून की आग (Passion) से कहीं ज्यादा कीमती ‘शांति की छाँव’ (Peace) है।

क्या है ‘6-7 डेटिंग’ का गणित?

आमतौर पर हम पार्टनर को उनके लुक्स, करियर और करिश्मे के आधार पर 1 से 10 के पैमाने पर रेट करते हैं। ’10’ वह व्यक्ति है जो दिखने में मॉडल जैसा हो, बेहद रोमांचक हो और जिसका जीवन किसी थ्रिलर फिल्म जैसा हो।

इसके विपरीत, ‘6 या 7’ वह व्यक्ति है जो शायद पहली नजर में आपको दीवाना न बनाए, जिसके साथ हर दिन एडवेंचर न हो, लेकिन वह भरोसेमंद, स्थिर और मानसिक रूप से सुलझा हुआ होता है। ‘6-7 डेटिंग’ का मतलब है उस व्यक्ति को चुनना जो ‘परफेक्ट’ तो नहीं है, लेकिन जिसके साथ आप अपनी सबसे सामान्य और असली शक्ल में रह सकते हैं।

जेन-जी और ‘सिचुएशनशिप’ की थकान

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव अचानक नहीं आया है। जेन-जी (Gen Z) के युवा पिछले कुछ वर्षों से ‘सिचुएशनशिप’ (बिना नाम के रिश्ते), ‘ब्रेडक्रंबिंग’ और ‘गोस्टिंग’ जैसी अनिश्चितताओं से बुरी तरह थक चुके हैं। बार-बार टूटने वाले रिश्तों और डेटिंग ऐप्स की अंतहीन ‘स्वाइपिंग’ ने युवाओं को भावनात्मक रूप से खाली कर दिया है।

ऐसे में, एक ऐसा पार्टनर जो ‘बोरिंग’ लग सकता है—जो समय पर मैसेज करे, जिसका कोई ‘ड्रामा’ न हो और जो स्थिरता (Stability) प्रदान करे—अब सबसे ज्यादा आकर्षक लगने लगा है।

जुनून बनाम मानसिक सुकून

विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च जुनून (High Passion) वाले रिश्तों में अक्सर ‘इमोशनल रोलरकोस्टर’ होता है। जहाँ बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होते हैं, वहाँ तनाव भी अधिक होता है। ‘6-7 डेटिंग’ इस थ्योरी पर काम करती है कि:

  • निरंतरता (Consistency): वह व्यक्ति जो हर दिन एक जैसा व्यवहार करे, वह उस व्यक्ति से बेहतर है जो एक दिन आपको आसमान पर बिठाए और अगले दिन गायब हो जाए।

  • सुरक्षा की भावना: इस ट्रेंड में युवा ऐसे पार्टनर चुन रहे हैं जिनके साथ उन्हें ‘जज’ होने का डर न हो।

  • लॉन्ग-टर्म विजन: 6-7 रेटिंग वाले रिश्ते अक्सर शादी या लंबे समय तक टिकने वाले जुड़ाव में तब्दील होते हैं, क्योंकि इनका आधार दिखावा नहीं, बल्कि असलियत होती है।

‘बोरिंग लेकिन स्टेबल’ ही नया ‘हॉट’ है

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और रिलेशनशिप कोचेस अब “Build a life, not a highlight reel” का संदेश दे रहे हैं। युवाओं का कहना है कि उन्हें ऐसा पार्टनर नहीं चाहिए जो उन्हें हर पल ‘सरप्राइज’ दे, बल्कि ऐसा चाहिए जो उनके साथ चुपचाप बैठकर चाय पी सके या बिना किसी शोर-शराबे के वीकेंड बिता सके।

निष्कर्ष

2026 का ‘6-7 डेटिंग’ ट्रेंड इस बात का संकेत है कि हम ‘दिखावे के प्यार’ से ‘टिकाऊ प्यार’ की ओर बढ़ रहे हैं। यह ट्रेंड हमें सिखाता है कि प्यार का मतलब हमेशा दिल की धड़कनें तेज होना नहीं, बल्कि कभी-कभी दिल को मिलने वाला गहरा सुकून भी होता है। यह मिक्स्ड सिग्नल्स और टॉक्सिक रोमांस के दौर में ‘नॉर्मल’ होने की जीत है।

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