
लंदन/न्यूयॉर्क। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में शोधकर्ताओं ने एक ऐसी अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जो आने वाले समय में वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकती है। वैज्ञानिकों ने मानव शरीर के भीतर एक ऐसे विशिष्ट एंजाइम की पहचान की है, जो शरीर में वसा (Fat) के संचय और उत्पादन के लिए ‘मास्टर कंट्रोलर’ या ‘फैट स्विच’ के रूप में कार्य करता है। इस खोज को मोटापे, मधुमेह और हृदय रोगों के विरुद्ध चल रही जंग में एक ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है।
क्या है यह ‘फैट स्विच’ और यह कैसे काम करता है?
मानव शरीर में ऊर्जा का प्रबंधन अत्यंत जटिल प्रक्रिया है। हालिया शोधों में जिस एंजाइम का पता चला है (जिसे शोधकर्ता जैव-रासायनिक भाषा में वसा संश्लेषण का मुख्य उत्प्रेरक कह रहे हैं), वह यह तय करता है कि शरीर द्वारा ग्रहण की गई अतिरिक्त कैलोरी को कब और कैसे वसा के रूप में जमा करना है।
जब यह एंजाइम अत्यधिक सक्रिय होता है, तो शरीर भोजन को ऊर्जा में बदलने के बजाय तेजी से वसा ऊतकों (Adipose tissues) में बदलने लगता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि इस ‘स्विच’ को नियंत्रित या ब्लॉक करके शरीर की वसा बनाने की क्षमता को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है, भले ही आहार में बदलाव न किया गया हो।
मोटापे और लिवर रोगों का अंत?
इस खोज का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव ‘फैटी लिवर’ और मोटापे के उपचार पर पड़ने वाला है।
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वजन नियंत्रण: इस एंजाइम को ब्लॉक करने वाली दवाओं का सफल परीक्षण (जो वर्तमान में प्रयोगशाला चरणों में है) दिखाता है कि शरीर जमा वसा को जलाना शुरू कर देता है, जिससे वजन में प्राकृतिक गिरावट आती है।
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लिवर की सुरक्षा: फैटी लिवर की समस्या आज दुनिया भर में लिवर सिरोसिस का मुख्य कारण बन रही है। इस स्विच को बंद करने से लिवर में वसा का जमाव रुक जाता है, जिससे लिवर की पुरानी क्षति को भी ठीक किया जा सकता है।
हृदय रोगों और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल पर लगाम
शरीर में केवल बाहरी मोटापा ही समस्या नहीं है, बल्कि रक्त धमनियों के भीतर जमा होने वाला ‘हानिकारक कोलेस्ट्रॉल’ (LDL) हृदय घात (Heart Attack) का सबसे बड़ा कारण है। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि यह नया खोजा गया एंजाइम रक्त में लिपिड प्रोफाइल को भी नियंत्रित करता है।
इस स्विच को नियंत्रित करने से धमनियों में प्लाक जमने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है। यह उन मरीजों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है जिन पर वर्तमान की ‘स्टैटिन’ जैसी दवाएं प्रभावी रूप से काम नहीं करतीं।
भविष्य की राह: कब तक आएगी दवा?
यद्यपि यह खोज क्रांतिकारी है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस खोज को एक प्रभावी और सुरक्षित दवा के रूप में बाजार में आने में अभी कुछ समय लगेगा। वर्तमान में इस एंजाइम-ब्लॉकर के ‘क्लिनिकल ट्रायल’ की तैयारी की जा रही है ताकि इसके संभावित दुष्प्रभावों का बारीकी से अध्ययन किया जा सके।
निष्कर्ष
डिजिटल युग की सुस्त जीवनशैली और प्रसंस्कृत भोजन (Processed Food) के कारण मोटापा एक वैश्विक महामारी बन चुका है। ऐसे में ‘फैट स्विच’ एंजाइम की खोज न केवल वजन घटाने की एक नई राह दिखाती है, बल्कि यह चयापचय (Metabolism) से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के इलाज का आधार भी बनेगी। यह खोज साबित करती है कि विज्ञान अब शरीर की उन सूक्ष्म प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने के करीब है जो हमारे दीर्घायु होने का निर्धारण करती हैं।