
श्रीगंगानगर, 5 फरवरी: राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी छोर पर स्थित सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर अक्सर अपनी उपजाऊ भूमि और ‘राजस्थान के अन्न भंडार’ के रूप में जाना जाता है। लेकिन आज, इस जिले की एक बेटी ने यह साबित कर दिया कि यहाँ की मिट्टी केवल अनाज ही नहीं, बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ दिमाग भी पैदा करती है। जिले की होनहार छात्रा गीताली गुप्ता ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित कानून प्रवेश परीक्षा CLAT-2026 (Common Law Admission Test) में अखिल भारतीय स्तर पर (All India Rank) शीर्ष स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।
सफलता की एक प्रेरणादायक दास्तां
आमतौर पर क्लैट (CLAT) जैसी परीक्षाओं में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों के उन छात्रों का दबदबा देखा जाता है, जिनके पास महंगे कोचिंग संस्थानों और संसाधनों की भरमार होती है। ऐसे में श्रीगंगानगर जैसे कृषि प्रधान और अर्ध-शहरी जिले से निकलकर एक छात्रा का नेशनल टॉपर बनना न केवल एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि उन हजारों छोटे शहरों के छात्रों के लिए एक मिसाल है जो बड़े सपने देखते हैं।
गीताली की इस सफलता ने इस मिथक को तोड़ दिया है कि सफलता के लिए बड़े शहरों का रुख करना अनिवार्य है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य के प्रति अटूट निष्ठा और मेहनत सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी आपकी उड़ान में बाधा नहीं बन सकती।
खबर के मुख्य बिंदु: सफलता के पीछे का संघर्ष
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ऐतिहासिक स्कोर और रिकॉर्ड: गीताली ने CLAT 2026 के परिणामों में अब तक के सबसे उच्चतम अंकों में से एक हासिल किया है। उनके स्कोर ने पिछले एक दशक के कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक योग्यता का लोहा पूरे देश ने माना है।
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रणनीति और दिनचर्या: अपनी सफलता का राज साझा करते हुए गीताली ने बताया कि वह केवल कोचिंग पर निर्भर नहीं रहीं। उन्होंने ‘सेल्फ-स्टडी’ (स्व-अध्ययन) को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया। वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं। उन्होंने अखबारों के विश्लेषण और कानूनी अवधारणाओं (Legal Reasoning) को समझने में सबसे ज्यादा समय बिताया।
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प्रेरणा और मार्गदर्शन: गीताली ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट विश्वास और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन को दिया है। उनके पिता, जो एक स्थानीय व्यवसायी हैं, और माता, जो एक शिक्षिका हैं, ने शुरू से ही उन्हें स्वतंत्र रूप से अपने करियर का चुनाव करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भविष्य की राह: न्यायपालिका के माध्यम से समाज सेवा
गीताली अब देश के नंबर एक लॉ यूनिवर्सिटी, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु में प्रवेश लेंगी। हालांकि कॉर्पोरेट लॉ में ऊंचे वेतन वाले पैकेज का आकर्षण बहुत है, लेकिन गीताली का लक्ष्य स्पष्ट है। वह भविष्य में न्यायपालिका (Judiciary) के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। उनका मानना है कि कानून के माध्यम से वह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिला सकती हैं और देश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दे सकती हैं।
जिले में उत्सव और गर्व का माहौल
परिणाम घोषित होने के बाद से ही श्रीगंगानगर में दिवाली जैसा माहौल है। जिला प्रशासन के अधिकारियों, स्थानीय विधायकों और प्रमुख शिक्षाविदों ने गीताली के घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। जिला प्रशासन ने इसे “गंगानगर की नई शैक्षिक क्रांति” करार दिया है। सोशल मीडिया पर #GanganagarKiBeti और #CLAT2026TopTrend कर रहा है।
गीताली गुप्ता की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि “हौसलों के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रखो, हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो।”