
राजस्थान का उत्तरी छोर, श्रीगंगानगर, इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। सीमावर्ती जिला होने के कारण यहाँ की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि हिमालय से आने वाली बर्फीली हवाएं सबसे पहले यहीं दस्तक देती हैं। वर्तमान में जारी भीषण शीतलहर (Cold Wave) और गिरते पारे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
जिला कलेक्टर द्वारा जारी हालिया आदेश के अनुसार, जिले के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए शीतकालीन अवकाश को 12 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो हाड़ कपा देने वाली इस ठंड में अपने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित थे।
प्रशासनिक निर्णय के मुख्य बिंदु
ठंड के इस दौर में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने संतुलन बनाने की कोशिश की है ताकि बच्चों की पढ़ाई का ज्यादा नुकसान भी न हो और उनकी सेहत भी बरकरार रहे:
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प्राथमिक शिक्षा (कक्षा 1 से 5): इन कक्षाओं के लिए छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। अब छोटे बच्चे 12 जनवरी के बाद ही स्कूल लौटेंगे।
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उच्च शिक्षा (कक्षा 6 से 12): इन कक्षाओं के लिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन उनके समय में बड़ा परिवर्तन किया गया है। अब स्कूल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही संचालित होंगे।
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शिक्षकों के लिए निर्देश: अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षकों और अन्य स्टाफ को निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचकर प्रशासनिक और आगामी परीक्षाओं से संबंधित कार्य निपटाने होंगे।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
श्रीगंगानगर में पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुंच जाती है, जिससे स्कूल वैन और बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, छोटे बच्चों में हाइपोथर्मिया और श्वास संबंधी बीमारियों का खतरा वयस्कों की तुलना में अधिक होता है।
अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
प्रशासन के इस फैसले का व्यापक स्वागत किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह 7 या 8 बजे छोटे बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजना किसी चुनौती से कम नहीं था। कोहरे के कारण सड़कों पर चलना भी जोखिम भरा हो गया था। वहीं, शिक्षकों का मानना है कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए बड़े बच्चों के लिए समय में बदलाव करना एक व्यावहारिक कदम है, क्योंकि उनकी पढ़ाई का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है।
सावधानी और सुझाव
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि:
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बच्चों को घर के अंदर रखें और गर्म तरल पदार्थों का सेवन कराएं।
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स्कूल जाते समय बड़े छात्र गर्म कपड़ों की कम से कम तीन परतें (Layers) पहनें।
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वाहन चालक घने कोहरे के दौरान हेडलाइट्स और इंडीकेटर्स का उचित प्रयोग करें।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर प्रशासन का यह संवेदनशील निर्णय बच्चों के ‘राइट टू हेल्थ’ को प्राथमिकता देता है। हालांकि छुट्टियों से शैक्षणिक कैलेंडर पर थोड़ा दबाव बढ़ता है, लेकिन जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है। 12 जनवरी के बाद मौसम की समीक्षा कर आगामी निर्णय लिया जाएगा।