
राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिला इन दिनों भीषण प्राकृतिक ठंड की चपेट में है। आज, 25 जनवरी 2026, को मौसम विभाग (IMD) ने जिले के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जो आने वाले दिनों में और भी कठिन परिस्थितियों का संकेत दे रहा है।
भीषण सर्दी और ‘कोल्ड वेव’ का कहर
श्रीगंगानगर और आसपास के बीकानेर संभाग में पिछले एक हफ्ते से सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। घने कोहरे और हिमालय से आने वाली बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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तापमान का गिरना: पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो जमाव बिंदु (0°C) के करीब पहुंच रहा है।
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कोल्ड डे की स्थिति: जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री से अधिक गिर जाता है, तो उसे ‘कोल्ड डे’ कहा जाता है। श्रीगंगानगर में दिन का तापमान भी काफी कम बना हुआ है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर 26 और 27 जनवरी को श्रीगंगानगर में देखने को मिलेगा।
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हल्की बारिश: विक्षोभ के कारण आसमान में बादल छाए रहेंगे और जिले के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
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मेघगर्जन: बारिश के साथ कहीं-कहीं बिजली कड़कने और बादल गरजने की भी संभावना है।
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कृषि पर प्रभाव: यह बारिश रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों के लिए ‘अमृत’ समान मानी जा रही है। हालांकि, यदि ओलावृष्टि होती है, तो यह किन्नू के बागानों को नुकसान पहुँचा सकती है।
जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर
कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण परिवहन सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
स्वास्थ्य सलाह: जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ‘हाइपोथर्मिया’ और सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने को कहा गया है।
अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान
| तिथि | अपेक्षित तापमान (न्यूनतम) | मौसम की स्थिति |
| 25 जनवरी | $4^\circ\text{C} – 6^\circ\text{C}$ | घना कोहरा और शीतलहर |
| 26 जनवरी | $5^\circ\text{C} – 8^\circ\text{C}$ | बादल छाए रहेंगे, हल्की वर्षा संभव |
| 27 जनवरी | $6^\circ\text{C} – 9^\circ\text{C}$ | गरज के साथ छींटें और बूंदाबांदी |
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के समारोहों पर भी इस बदलते मौसम का असर दिख सकता है। परेड के समय कोहरा और हल्की बूंदाबांदी बाधा डाल सकती है, जिसके लिए आयोजकों ने वॉटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था शुरू कर दी है।