
श्रीगंगानगर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पिछले कुछ समय से सीमा पार से होने वाली नापाक हरकतों में इजाफा हुआ है। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों, विशेषकर हेरोइन की तस्करी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आज, 22 जनवरी को सीमावर्ती इलाकों में एक व्यापक तलाशी अभियान और नाकाबंदी की गई, जो सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय सतर्कता को दर्शाती है।
ड्रोन तकनीक: तस्करों का नया और खतरनाक हथियार
हाल के दिनों में श्रीगंगानगर के केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर और रायसिंहनगर सेक्टरों में कई बार पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ दर्ज की गई है। तस्कर अब पारंपरिक रास्तों के बजाय तकनीक का सहारा ले रहे हैं। रात के अंधेरे में ड्रोन के जरिए हेरोइन के पैकेट भारतीय खेतों में गिरा दिए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय तस्कर जीपीएस लोकेशन के आधार पर उठा लेते हैं।
BSF ने हाल ही में मुस्तैदी दिखाते हुए करोड़ों रुपये की हेरोइन बरामद की है और कई संदिग्ध ड्रोन्स को खदेड़ा है। इसी कड़ी में आज भी सीमा के जीरो लाइन से सटे गांवों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें आधुनिक उपकरणों और खोजी कुत्तों की मदद ली गई।
पुलिस अधीक्षक का “सुपर एक्शन” मोड
जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस महकमे को “सुपर एक्शन” मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। एसपी के अनुसार, केवल सीमा पर ही नहीं, बल्कि जिले के भीतर सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
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हिस्ट्रीशीटरों पर नजर: पुलिस ने उन पुराने अपराधियों की सूची तैयार की है जो पूर्व में मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहे हैं। उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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सघन नाकाबंदी: पंजाब-राजस्थान बॉर्डर और सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर 24 घंटे नाकेबंदी की जा रही है।
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ग्रामीण खुफिया तंत्र: सीमावर्ती गांवों के निवासियों को जागरूक किया गया है ताकि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध ड्रोन की आवाज सुनते ही तुरंत पुलिस को सूचना दें।
युवाओं को नशे के दलदल से बचाना एक चुनौती
श्रीगंगानगर में नशा केवल सीमा पार से आने वाली हेरोइन तक सीमित नहीं है, बल्कि सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) भी स्थानीय स्तर पर एक बड़ी समस्या बन गया है। पुलिस प्रशासन “नशा मुक्त श्रीगंगानगर” अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। आज की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा बेचने वालों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय
BSF, सीआईडी (CB) और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक संयुक्त नियंत्रण केंद्र सक्रिय किया गया है। सीमावर्ती इलाकों में रात के समय गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और हाई-मास्ट लाइटों का सहारा लिया जा रहा है।