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बीसीसीआई का बड़ा धमाका: आईपीएल 2026 के लिए गूगल ‘जेमिनी’ बना प्रायोजक

मुंबई/नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आज दुनिया की सबसे अमीर टी20 लीग, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के वाणिज्यिक इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। बीसीसीआई ने तकनीकी दिग्गज गूगल के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म ‘जेमिनी’ (Gemini) के साथ 270 करोड़ रुपये के प्रायोजन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी अगले तीन वर्षों (2026-2028) के लिए प्रभावी होगी, जो क्रिकेट की लोकप्रियता और आधुनिक तकनीक के बढ़ते संगम को दर्शाती है।


सौदे की बारीकियां और आर्थिक पहलू

बीसीसीआई और गूगल के बीच हुआ यह सौदा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • तीन साल का करार: यह समझौता आईपीएल 2026 के सीजन से शुरू होगा और 2028 तक चलेगा।

  • औसत निवेश: प्रति वर्ष लगभग 90 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, जेमिनी आईपीएल के प्रमुख प्रायोजकों की सूची में शामिल हो गया है।

  • ग्लोबल अपील: बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पीटीआई (PTI) को बताया कि यह डील आईपीएल की वैश्विक अपील और इसके लगातार बढ़ते ब्रांड मूल्य का प्रमाण है।

एआई (AI) प्लेटफॉर्म्स की ‘क्रिकेट वॉर’

दिलचस्प बात यह है कि भारतीय क्रिकेट का मैदान अब तकनीकी प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबले का नया अखाड़ा बन गया है।

  1. जेमिनी बनाम चैटजीपीटी: जहाँ गूगल का ‘जेमिनी’ अब आईपीएल से जुड़ गया है, वहीं उसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी ‘ChatGPT’ पहले से ही महिला प्रीमियर लीग (WPL) के आधिकारिक प्रायोजकों में शामिल है।

  2. टेक-इकोसिस्टम: बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया के अनुसार, तकनीकी लीडर्स का क्रिकेट से जुड़ना प्रशंसकों के अनुभव (Fan Experience) को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशंसकों को क्या मिलेगा? (AI-Powered Fan Experience)

यह साझेदारी केवल लोगो (Logo) और विज्ञापनों तक सीमित नहीं रहेगी। सूत्रों के अनुसार, जेमिनी के माध्यम से दर्शकों को लाइव मैच के दौरान कई नई सुविधाएं मिल सकती हैं:

  • स्मार्ट आंकड़े: लाइव प्रसारण के दौरान एआई-जनरेटेड डेटा और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सटीक विश्लेषण।

  • इंटरेक्टिव अनुभव: डिजिटल प्लेटफॉर्म और हॉटस्टार/जियोसिनेमा जैसे ऐप्स पर प्रशंसकों के लिए व्यक्तिगत एआई टूल्स।

  • सोशल मीडिया एंगेजमेंट: मैच के रोमांचक पलों के एआई-क्यूरेटेड कंटेंट का तेजी से साझा होना।

प्रायोजन परिदृश्य में बदलाव

बीसीसीआई का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार द्वारा रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध के बाद बाजार में एक रिक्तता आई थी। पिछले साल Dream11 के हटने के बाद अपोलो टायर्स ने जर्सी प्रायोजक के रूप में जगह ली थी। अब एआई कंपनियों का आगमन यह संकेत देता है कि तकनीक और सॉफ्टवेयर कंपनियां अब क्रिकेट के मुख्य प्रायोजन बाजार पर कब्जा करने के लिए तैयार हैं।


निष्कर्ष

टाटा ग्रुप (Tata Group) के पास पहले से ही आईपीएल का शीर्षक प्रायोजन (Title Sponsorship) है। ऐसे में गूगल जेमिनी का जुड़ना इस लीग को “फ्यूचर-रेडी” (Future-ready) बनाता है। 26 मार्च 2026 से शुरू होने वाले इस सीजन में प्रशंसकों को केवल चौके-छक्कों की बौछार ही नहीं, बल्कि तकनीक का जादू भी देखने को मिलेगा।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️