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श्रीगंगानगर में मौसम का बदलता मिजाज: कड़ाके की ठंड और बारिश का बढ़ता संकट

राजस्थान का ‘अन्न कटोरा’ कहा जाने वाला श्रीगंगानगर जिला इन दिनों भीषण शीत लहर और मौसम के दोहरे हमले का सामना कर रहा है। आज, 18 जनवरी 2026 को जिले में न्यूनतम तापमान 9°C दर्ज किया गया, जिसने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन ने प्रशासन और आम जनता की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि अगले 48 से 72 घंटों के लिए क्षेत्र में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

कोहरे और ठिठुरन से थमी रफ्तार

पिछले कुछ दिनों से श्रीगंगानगर में सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। आज सुबह का नजारा भी कुछ ऐसा ही था; घना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता (Visibility) महज 20 से 30 मीटर तक रह गई। इसका सीधा असर यातायात पर देखने को मिला। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-62) पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं और वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने ‘कनकनी’ बढ़ा दी है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

भारी बारिश का अलर्ट और पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों से होता हुआ मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसका केंद्र श्रीगंगानगर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने के कारण 18 से 20 जनवरी के बीच भारी गर्जना के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है।

विशेषज्ञ की राय: यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है, तो यह रबी की फसलों, विशेषकर सरसों और गेहूं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। हालांकि, हल्की बूंदाबांदी गेहूं की फसल के लिए ‘अमृत’ समान होगी, लेकिन तापमान में गिरावट से पाला (Frost) पड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।

जनजीवन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

कड़ाके की इस ठंड ने सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर डाला है। जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन के संकेत दिए हैं। अस्पतालों में भी सर्दी-जुकाम, अस्थमा और सांस के रोगियों की संख्या में 25-30% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें और शरीर को पूरी तरह ढंक कर रखें।

कृषि और पशुपालन के लिए चुनौतियां

श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है। बारिश का अलर्ट मिलने के बाद किसान अपनी कटी हुई फसलों और खाद के स्टॉक को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है। साथ ही, पशुपालकों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण है। पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए बाड़ों में अलाव जलाने और उनके खान-पान में अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की तैयारी

संभावित भारी बारिश और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर परिषद और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में पानी निकासी के लिए पंपों की व्यवस्था की जा रही है। बिजली विभाग को भी निर्देशित किया गया है कि बारिश के दौरान शॉर्ट सर्किट या खंभों के गिरने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जाए।

निष्कर्ष: श्रीगंगानगर के लिए आने वाले तीन दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं। जहां एक ओर तापमान में गिरावट जारी है, वहीं दूसरी ओर बारिश का अलर्ट एक नई चुनौती पेश कर रहा है। 20 जनवरी के बाद ही मौसम में आंशिक सुधार की उम्मीद की जा सकती है, तब तक जिलेवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️