
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर की एक स्थानीय अदालत ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के खिलाफ सख्त तेवर अपनाए हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सबसे सक्रिय और खतरनाक सदस्यों में शुमार रोहित गोदारा को अदालत ने 19 जनवरी तक व्यक्तिगत रूप से या कानूनी प्रक्रिया के तहत पेश होने का अंतिम आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह इस समय सीमा के भीतर हाजिर नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध उसकी अनुपस्थिति (In Absentia) में ही कानूनी कार्यवाही और सुनवाई शुरू कर दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला श्रीगंगानगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी से जुड़ी रंगदारी और जान से मारने की धमकी का है। आरोप है कि रोहित गोदारा ने कुछ समय पूर्व श्रीगंगानगर के एक बड़े व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए धमकाया था। गोदारा ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खास गुर्गा बताते हुए व्यापारी से करोड़ों रुपये की फिरौती (रंगदारी) मांगी थी।
व्यापारी को दी गई धमकी में कहा गया था कि यदि उसने समय पर पैसे नहीं दिए, तो उसे और उसके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। इस धमकी के बाद पीड़ित व्यापारी ने पुलिस की शरण ली थी, जिसके बाद पुरानी आबादी और कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विदेश से ऑपरेट कर रहा है गोदारा
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित गोदारा फिलहाल भारत में नहीं है। माना जा रहा है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश (संभवतः कनाडा या अजरबैजान) भाग गया है और वहीं से राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के व्यापारियों को निशाना बना रहा है। वह तकनीक का सहारा लेकर इंटरनेट कॉलिंग के जरिए रंगदारी मांगता है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अदालत की सख्त चेतावनी
अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गोदारा के खिलाफ कई बार सम्मन जारी किए थे, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अब कोर्ट ने “भगोड़ा” घोषित करने की प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
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कानूनी सुनवाई: यदि 19 जनवरी तक वह पेश नहीं होता है, तो कोर्ट साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा सुनवाई (Ex-parte proceedings) शुरू कर सकता है।
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संपत्ति की कुर्की: कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह अदालत के आदेशों की अवहेलना जारी रखता है, तो प्रशासन उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है।
भय का माहौल और पुलिस की मुस्तैदी
रोहित गोदारा का नाम हाल के वर्षों में राजस्थान के कई बड़े हत्याकांडों और फायरिंग की घटनाओं में सामने आया है। श्रीगंगानगर में व्यापारियों को लगातार मिल रही धमकियों से व्यापारिक जगत में भय का माहौल है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पीड़ित व्यापारियों की सुरक्षा बढ़ा दी है और विशेष सेल गोदारा के स्थानीय संपर्कों (Local Assets) को तोड़ने में जुटी है।
कौन है रोहित गोदारा?
रोहित गोदारा मूल रूप से बीकानेर के लूणकरणसर का रहने वाला है। वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के लिए “रिक्रूटमेंट” और “ऑपरेशनल प्लानिंग” का काम करता है। सिद्दू मूसेवाला हत्याकांड से लेकर राजस्थान में हुई कई गैंगवार की घटनाओं में इसकी संलिप्तता रही है। भारत सरकार ने इसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया हुआ है।
निष्कर्ष
श्रीगंगानगर अदालत का यह फैसला इस बात का संकेत है कि न्यायपालिका अपराधियों के खिलाफ ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है, चाहे वे देश में हों या विदेश में। 19 जनवरी की तारीख गोदारा के कानूनी भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। अब देखना यह होगा कि क्या जांच एजेंसियां उसे अदालत के समक्ष लाने में सफल होती हैं या कोर्ट उसकी अनुपस्थिति में कड़ा फैसला सुनाती है।