
श्रीगंगानगर। राजस्थान का उत्तरी छोर और पंजाब की सीमा से सटा श्रीगंगानगर जिला इन दिनों भीषण शीत लहर (Cold Wave) की चपेट में है। आज, 16 जनवरी को जिले में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का दोहरा प्रहार देखने को मिला। आलम यह है कि सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और पूरा जिला सफेद कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। न्यूनतम तापमान 3.7°C तक गिर जाने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
शून्य विजिबिलिटी और यातायात पर असर
आज सुबह से ही कोहरे का घनत्व इतना अधिक था कि सड़कों पर दृश्यता (Visibility) शून्य से 10 मीटर के बीच रही। नेशनल हाईवे और लिंक रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं, वहीं रोडवेज बसों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है। प्रशासन ने वाहन चालकों को ‘फॉग लाइट’ का उपयोग करने और धीमी गति से चलने की सख्त हिदायत दी है।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड और जनजीवन
न्यूनतम तापमान में आई गिरावट ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। शहर के चौक-चौराहों पर लोग अलाव तापकर ठंड से बचने का जतन करते नजर आए। कड़ाके की इस ठंड का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों और बेघर लोगों पर पड़ रहा है। पशुपालकों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि चारा लाने और पशुओं को ठंड से बचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
खेती-किसानी पर प्रभाव: पाले का डर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और जौ के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन सरसों और सब्जियों की फसल पर ‘पाले’ (Frost) का खतरा मंडराने लगा है। यदि तापमान इसी तरह गिरता रहा और हवा की गति थमी रही, तो खेतों में बर्फ की सफेद परत जम सकती है, जो सरसों की फलियों को नुकसान पहुँचा सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को रात के समय खेतों की उत्तर-पश्चिमी दिशा में धुआं करने और हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य पर खतरा
भीषण ठंड के कारण अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, खांसी और अस्थमा के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, “ऐसी स्थिति में हाइपोथर्मिया और हृदय संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए गर्म कपड़ों की कई परतें पहनें और गुनगुने पानी का सेवन करें।”
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: कब मिलेगी राहत?
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में एक के बाद एक आ रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और हिमालय की ओर से आ रही बर्फीली उत्तरी हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
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17 जनवरी से बदलाव: विभाग का अनुमान है कि 17 जनवरी से उत्तरी हवाओं की गति में थोड़ी कमी आएगी, जिससे न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
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कोहरे का अलर्ट: हालांकि, हवाएं कमजोर होने से कोहरे का प्रभाव और गहरा सकता है। अगले 48 घंटों के लिए जिले में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर फिलहाल ‘डीप फ्रीज’ मोड में है। प्रशासन ने स्कूलों के समय में परिवर्तन और रैन बसेरों में पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि आमजन को राहत मिल सके।