
नयी मंडी घड़साना (श्रीगंगानगर)। श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नयी मंडी घड़साना में हाल ही में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। इस मामले में जिला पुलिस को आज एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फायरिंग की घटना के मुख्य सूत्रधार और कुख्यात अपराधी राजदीप उर्फ राजविंदर सिंह बराड़ को एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ जैसी स्थिति में आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिसमें वह घायल हो गया।
वारदात की पृष्ठभूमि
कुछ दिन पूर्व घड़साना के एक व्यस्त इलाके में सरेराह फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। इस वारदात ने न केवल व्यापारियों में भय पैदा किया, बल्कि पुलिस की चौकसी पर भी सवाल खड़े किए थे। राजदीप बराड़ इस पूरी साजिश का मुख्य चेहरा था, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर इलाके में वर्चस्व कायम करने या किसी रंजिश के चलते गोलियां चलाई थीं। वारदात के बाद से ही आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम और घड़साना पुलिस की संयुक्त टीम लगातार आरोपी के ठिकानों पर दबिश दे रही थी। पुलिस को सटीक सूचना मिली कि राजदीप बराड़ एक गुप्त ठिकाने से निकलने वाला है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की।
जब पुलिस ने आरोपी को रुकने का इशारा किया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय भागने की कोशिश की। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, भागने के दौरान आरोपी और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। खुद को चारों ओर से घिरा पाकर आरोपी ने दीवार फांदने और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से भागने का प्रयास किया, जिसमें वह अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और उसे गंभीर चोटें आईं।
अस्पताल में पुलिस का कड़ा पहरा
घायल अवस्था में राजदीप उर्फ राजविंदर सिंह बराड़ को तुरंत स्थानीय नागरिक अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया है। हालांकि आरोपी घायल है, लेकिन पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और वार्ड के बाहर हथियारों से लैस जवानों को तैनात किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही डॉक्टरों द्वारा उसे फिट घोषित किया जाएगा, पुलिस उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेगी।
गैंगस्टर कनेक्शन और आगामी जांच
राजदीप बराड़ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस को संदेह है कि उसके तार पंजाब और राजस्थान के बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि:
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फायरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार कहाँ से आए?
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फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी थी?
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क्या इस वारदात के पीछे किसी बड़े गैंग का हाथ है जो फिरौती (Extortion) के लिए व्यापारियों को निशाना बना रहा है?
जनता ने ली राहत की सांस
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद घड़साना के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान भी कर ली गई है और उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।