🢀
श्रीगंगानगर: माकपा कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला फूंका

श्रीगंगानगर। सरहदी जिले श्रीगंगानगर में आज राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियां और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली रही।

अंतरराष्ट्रीय नीतियों का कड़ा विरोध

प्रदर्शन की शुरुआत शहर के मुख्य महाराजा गंगासिंह चौक पर एक सभा के साथ हुई। सभा को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेताओं ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका लगातार अपनी विदेश नीतियों के माध्यम से विकासशील देशों पर अपना आधिपत्य जमाने की कोशिश कर रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दुनिया भर में चल रहे विभिन्न संघर्षों में अमेरिका की भूमिका केवल अपने हितों को साधने तक सीमित है, जिससे वैश्विक शांति को खतरा पैदा हो रहा है।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से राष्ट्रपति का पुतला तैयार किया था, जिसे बीच चौराहे पर आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” और “शांति विरोधी नीतियां बंद करो” जैसे नारे लगाए।

स्थानीय मुद्दों पर पुलिस प्रशासन को घेरा

अंतरराष्ट्रीय विरोध के बाद, कार्यकर्ताओं का जत्था जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय की ओर बढ़ा। यहां प्रदर्शन का रुख स्थानीय समस्याओं और पुलिस की कथित निष्क्रियता की ओर मुड़ गया। माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में पिछले कुछ समय में हुए कुछ आपराधिक मामलों की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने एसपी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निम्नलिखित मुख्य मांगें रखी गईं:

  • स्थानीय स्तर पर लंबित आपराधिक मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच।

  • आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त बढ़ाना।

  • राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर पुलिस कार्रवाई करना।

कार्यकर्ताओं की एकजुटता

इस प्रदर्शन में न केवल शहरी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी पार्टी कार्यकर्ता और किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभा के दौरान कॉमरेडों ने कहा कि माकपा हमेशा से ही आम आदमी के हक और विश्व शांति के लिए लड़ती आई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

प्रदर्शन और पुतला दहन की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराजा गंगासिंह चौक और एसपी कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। ट्रैफिक पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी ताकि प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बाधित न हो। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और पुतला दहन के बाद भीड़ धीरे-धीरे छंट गई।

निष्कर्ष: आज का यह प्रदर्शन यह दर्शाता है कि श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती जिले के लोग न केवल अपनी स्थानीय समस्याओं के प्रति सजग हैं, बल्कि वे वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी अपनी गहरी नजर रखते हैं। माकपा ने इस विरोध प्रदर्शन के जरिए एक साथ दो मोर्चों (अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय) पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️