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श्रीगंगानगर में मकर संक्रांति पर मौसम का मिजाज: कड़ाके की ठंड और ‘येलो अलर्ट’ का साया

श्रीगंगानगर। आज 14 जनवरी, 2026 को मकर संक्रांति के पावन पर्व पर सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर सहित संपूर्ण उत्तरी राजस्थान में कुदरत का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां श्रद्धालुओं में दान-पुण्य और पतंगबाजी को लेकर भारी उत्साह है, वहीं दूसरी ओर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जिले के लिए जारी किया गया ‘येलो अलर्ट’ आज सुबह से ही धरातल पर प्रभावी नजर आ रहा है।


शीतलहर और कोहरे का दोहरा प्रहार

श्रीगंगानगर में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी, लेकिन आज मकर संक्रांति की सुबह इस सीजन की सबसे ठंडी सुबहों में से एक रही। जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सुबह 8 बजे तक विजिबिलिटी (दृश्यता) महज 20 से 30 मीटर तक सिमट कर रह गई।

इस घने कोहरे के साथ चलने वाली बर्फीली उत्तरी हवाओं (शीतलहर) ने गलन बढ़ा दी है। न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों तक श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ बेल्ट में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी।

यातायात और परिवहन पर प्रभाव

शून्य विजिबिलिटी का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है।

  • सड़क यातायात: श्रीगंगानगर-बीकानेर और श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे पर वाहनों की गति बेहद धीमी रही। वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए।

  • रेलवे: कोहरे के कारण उत्तर रेलवे की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

मकर संक्रांति के उल्लास पर मौसम की मार

मकर संक्रांति का त्योहार पारंपरिक रूप से छतों पर पतंगबाजी और खुले मैदानों में दान-पुण्य के लिए जाना जाता है। हालांकि, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने इस बार उत्सव के रंग को थोड़ा फीका किया है।

  • पतंगबाजी: सुबह के समय आसमान कोहरे की चादर में लिपटा होने के कारण पतंगबाजों को धूप निकलने का इंतजार करना पड़ा।

  • दान-पुण्य: कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु गुरुद्वारों और मंदिरों में मत्था टेकने पहुंचे, लेकिन इनकी संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रही। लोग गर्म कपड़ों और अलाव के सहारे ही बाहर निकल रहे हैं।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

‘येलो अलर्ट’ को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को सलाह दी है कि वे सुबह और देर शाम की ठंड से बचें। ठंड के कारण हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याओं के बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करने और शरीर को पूरी तरह ढककर रखने की हिदायत दी गई है।

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किसानों के लिए चिंता और उम्मीद

यह ठंड रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों के लिए एक ओर तो फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन यदि पाला (Frost) गिरता है, तो सब्जियों और सरसों की फसल को नुकसान होने की आशंका भी बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रात के समय खेतों की मेड़ों पर धुआं करने और हल्की सिंचाई की सलाह दी है।


निष्कर्ष: श्रीगंगानगर में आज मकर संक्रांति का पर्व आस्था और कड़ाके की ठंड के संगम जैसा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम जताई है, लेकिन दोपहर बाद हल्की धूप खिलने से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️