
राजस्थान के उत्तरी छोर पर स्थित श्रीगंगानगर जिला इन दिनों हाड़ कंपाने वाली ठंड की चपेट में है। 13 जनवरी 2026 को मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ‘येलो अलर्ट’ ने स्थानीय प्रशासन और आम जनजीवन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। पिछले 48 घंटों से जिले में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु (0°C) के आसपास बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
विजिबिलिटी शून्य के करीब: यातायात पर ब्रेक
जिले में घने कोहरे का आलम यह है कि सुबह के समय विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम दर्ज की जा रही है। नेशनल हाईवे और ग्रामीण लिंक सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। घने कोहरे के कारण श्रीगंगानगर-पदमपुर और श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ मार्ग पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर रेंगना पड़ रहा है। रेलवे और बस सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है; लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे की देरी से चल रही हैं।
खेती-किसानी पर संकट: पाले की मार
श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, और यहाँ का किसान इस कड़ाके की ठंड से सबसे ज्यादा चिंतित है। रात के समय पारा गिरने से खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर सरसों, चना और सब्जियों पर बर्फ की पतली परत (पाला) जमने लगी है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह गिरता रहा, तो पाले के कारण सरसों की फलियां काली पड़ सकती हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी फसलों को पाले से बचाने के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें और हल्की सिंचाई का सहारा लें।
शहर का नजारा: अलाव ही एकमात्र सहारा
शहर के मुख्य चौराहों और रैन बसेरों में लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद द्वारा विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, जो इस समय लोगों के लिए एकमात्र सहारा बना हुआ है। बाजारों में सुबह 11 बजे तक सन्नाटा पसरा रहता है और शाम होते ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। ऊनी कपड़ों और हीटर की मांग में अचानक भारी उछाल आया है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के अनुसार, इस मौसम में हाइपोथर्मिया, हृदय रोग और श्वास संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।
प्रशासनिक कदम और स्कूल
बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा स्कूलों के समय में परिवर्तन या छोटे बच्चों की छुट्टियों को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। स्वयंसेवी संस्थाएं भी सक्रिय हो गई हैं और निराश्रित लोगों को कंबल व गर्म भोजन वितरित कर रही हैं।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर के लिए जनवरी का यह सप्ताह चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है।