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श्रीगंगानगर रेलवे अपडेट: दोहरीकरण और विकास कार्यों से रेल यातायात प्रभावित

उत्तर-पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के अंतर्गत आने वाला श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़-सूरतगढ़ रेल खंड इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। रेलवे द्वारा हनुमानगढ़-सूरतगढ़ रेल मार्ग के दोहरीकरण (Double Tracking) और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। हालांकि, यह विकास कार्य भविष्य में यात्रा को सुगम और तेज बनाएगा, लेकिन वर्तमान में इसके कारण श्रीगंगानगर से आने-जाने वाली ट्रेनों के संचालन पर गहरा असर पड़ा है।

1. रेल मार्ग के दोहरीकरण का महत्व

वर्तमान में इस रूट का एक बड़ा हिस्सा सिंगल ट्रैक है, जिससे ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए घंटों आउटर स्टेशनों पर खड़ा रहना पड़ता है। डबल ट्रैक होने के बाद:

  • ट्रेनों की औसत गति में 20-30% का सुधार होगा।

  • श्रीगंगानगर से जयपुर, दिल्ली और जोधपुर के बीच यात्रा समय कम हो जाएगा।

  • अधिक संख्या में मालगाड़ियों का संचालन संभव होगा, जिससे इलाके के व्यापार को मजबूती मिलेगी।

2. ‘ब्लॉक’ के कारण प्रभावित ट्रेनें और शेड्यूल बदलाव

रेलवे ने इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए विभिन्न चरणों में ‘ट्रैफिक ब्लॉक’ लेने का निर्णय लिया है। इसके परिणामस्वरूप श्रीगंगानगर से होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों पर असर पड़ रहा है:

  • आंशिक रद्दीकरण (Partial Cancellation): श्रीगंगानगर-जयपुर, श्रीगंगानगर-दिल्ली और सूरतगढ़-बठिंडा रूट की कुछ पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को बीच के स्टेशनों (जैसे हनुमानगढ़ या सूरतगढ़) पर ही समाप्त किया जा रहा है।

  • मार्ग परिवर्तन (Diverted Routes): लंबी दूरी की कुछ ट्रेनें जो सूरतगढ़ होकर जाती थीं, उन्हें अब वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुँचने में 2 से 4 घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है।

  • री-शेड्यूलिंग (Rescheduling): कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2 से 5 घंटे की देरी से संचालित हो रही हैं। विशेष रूप से सुबह और देर शाम की ट्रेनों के समय में भारी बदलाव देखा गया है।

3. कोहरे और ठंड की दोहरी चुनौती

विकास कार्यों के साथ-साथ श्रीगंगानगर में पड़ रहा भारी कोहरा रेलवे के लिए “कोढ़ में खाज” का काम कर रहा है। कोहरे के कारण ट्रेनों की गति सीमा (Speed Limit) को कम कर दिया गया है। उत्तर भारत की ओर से आने वाली गाड़ियां पहले ही 8-10 घंटे लेट चल रही हैं, और ऊपर से ट्रैक के काम की वजह से यात्रियों की परेशानी दोगुनी हो गई है।

4. यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह और सुविधाएं

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और जानकारी के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जंक्शन पर अतिरिक्त पूछताछ काउंटर खोले गए हैं। यात्री 139 डायल करके भी अपनी ट्रेन की लाइव लोकेशन जान सकते हैं।

  • रिफंड की सुविधा: जिन ट्रेनों को रेलवे द्वारा रद्द या मार्ग परिवर्तित किया गया है, उनके लिए यात्री नियमानुसार पूरा रिफंड (Full Refund) प्राप्त कर सकते हैं।

  • डिजिटल अपडेट: रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले ‘NTES’ (National Train Enquiry System) ऐप या आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें।


निष्कर्ष

हालांकि, रेल यातायात का यह व्यवधान यात्रियों के लिए अस्थाई परेशानी का सबब बना हुआ है, लेकिन सूरतगढ़-हनुमानगढ़ मार्ग का दोहरीकरण श्रीगंगानगर जिले के रेल कनेक्टिविटी के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। एक बार काम पूरा हो जाने के बाद, जिले के लोगों को न केवल नई ट्रेनों की सौगात मिलेगी, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित और समयबद्ध होगी।

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