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श्रीगंगानगर में सर्दी का ‘रेड अलर्ट’: 3.9 डिग्री के साथ ठिठुरा पूरा जिला

राजस्थान का उत्तरी जिला श्रीगंगानगर वर्तमान में भीषण शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में है। 11 जनवरी 2026 को जिले में इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह तापमान न केवल सामान्य से काफी नीचे है, बल्कि इसने पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड को भी चुनौती दी है।

कोहरे का कहर और यातायात पर प्रभाव

आज सुबह श्रीगंगानगर के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में घने कोहरे (Dense Fog) की चादर लिपटी रही। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई थी।

  • सड़क यातायात: नेशनल हाईवे और लिंक रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश वाहन चालक हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर रेंगते हुए नजर आए। कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसें अपने निर्धारित समय से 2 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं।

  • रेलवे: श्रीगंगानगर आने वाली और यहां से प्रस्थान करने वाली कई ट्रेनें कोहरे के कारण प्रभावित हुई हैं। यात्रियों को घंटों तक ठिठुरती ठंड में स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा है।

आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर

कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से बदल दिया है।

  • बाजार: सुबह देर तक बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव (Bonfire) का सहारा लेते नजर आए।

  • स्वास्थ्य: चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस भीषण ठंड में बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। हृदय रोग और अस्थमा के मरीजों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

खेती-किसानी के लिए मिश्रित संकेत

श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, इसलिए इस ठंड का सीधा असर फसलों पर भी पड़ रहा है:

  1. गेहूं और सरसों: कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे फसल में ‘फुटाव’ अच्छा होता है।

  2. पाले का डर: हालांकि, यदि तापमान और गिरता है और हवा शांत रहती है, तो ‘पाले’ (Frost) की स्थिति बन सकती है, जो सरसों और सब्जियों की फसलों के लिए अत्यंत नुकसानदायक हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पाले से बचाव के लिए खेतों की सिंचाई करें या धुएं का प्रयोग करें।

प्रशासनिक कदम और आगामी पूर्वानुमान

बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला कलेक्टर ने स्कूलों के समय में परिवर्तन के निर्देश दिए हैं। कई स्थानों पर रैन बसेरों (Night Shelters) को सक्रिय कर दिया गया है ताकि बेघर लोगों को रात गुजारने में परेशानी न हो।

मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान: मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है। उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से सुबह और देर रात बाहर न निकलें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️