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दिल्ली में स्वास्थ्य क्रांति: मार्च 2026 तक 1100 ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ से सुधरेगी राजधानी की सेहत

देश की राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए सरकार ने एक व्यापक कार्ययोजना की घोषणा की है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 तक पूरी दिल्ली में 1100 से अधिक ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ (जिन्हें पहले आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के रूप में जाना जाता था) और उन्नत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHCs) पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएंगे।

यह कदम न केवल प्राथमिक चिकित्सा को सुलभ बनाएगा, बल्कि दिल्ली के बड़े अस्पतालों पर बढ़ते मरीजों के बोझ को भी कम करने में मील का पत्थर साबित होगा।


मोहल्ला स्तर पर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ की भूमिका

इन 1100 केंद्रों का मुख्य उद्देश्य ‘इलाज से बेहतर बचाव’ की अवधारणा को धरातल पर उतारना है। ये केंद्र सीधे तौर पर मोहल्लों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित होंगे, जिससे लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए मीलों दूर बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

इन केंद्रों पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार होंगी:

  • निःशुल्क परामर्श और दवाइयां: मरीजों को अनुभवी डॉक्टरों से मुफ्त परामर्श और बुनियादी दवाइयां प्रदान की जाएंगी।

  • व्यापक नैदानिक परीक्षण: मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप (Hypertension) और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की शुरुआती जांच के लिए मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध होंगी।

  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और बच्चों के लिए संपूर्ण टीकाकरण अभियान इन केंद्रों का मुख्य केंद्र बिंदु होगा।

  • योग और वेलनेस: ‘आरोग्य मंदिर’ नाम के अनुरूप, यहाँ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए योग और आयुष पद्धतियों से भी जोड़ा जाएगा।


तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण: AIIMS और RML में विस्तार

जहाँ एक ओर प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली के शीर्ष अस्पतालों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।

केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) और RML (राम मनोहर लोहिया अस्पताल) में नए सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक बनकर तैयार हो चुके हैं, जिन्हें मार्च तक जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इन नए ब्लॉक्स में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और न्यूरोसर्जरी जैसे विभागों के लिए अत्याधुनिक बेड, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और वेंटिलेटर की सुविधा होगी। इससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और मरीजों को त्वरित उपचार मिल सकेगा।


डिजिटल हेल्थ और भविष्य की तैयारी

इन 1100 केंद्रों को डिजिटल हेल्थ मिशन से भी जोड़ा जा रहा है। प्रत्येक मरीज का एक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में बड़े अस्पतालों के साथ साझा किया जा सकेगा। इससे डॉक्टरों को मरीज की हिस्ट्री समझने में आसानी होगी और पेपरलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

निष्कर्ष: सुलभ और सस्ती स्वास्थ्य सेवा का सपना

दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार एक ‘त्रि-स्तरीय’ मॉडल पर आधारित है। पहले स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दूसरे स्तर पर पॉलीक्लिनिक और तीसरे स्तर पर AIIMS जैसे सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल

मार्च 2026 तक इस लक्ष्य की प्राप्ति दिल्ली के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण जैसा होगा। जब एक गरीब परिवार को उसके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, तभी सही मायनों में ‘स्वस्थ दिल्ली, समृद्ध दिल्ली’ का सपना साकार होगा।

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