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WPL 2026 का शंखनाद: मुंबई इंडियंस और RCB के बीच महामुकाबले से होगा महिला प्रीमियर लीग का आगाज

भारतीय क्रिकेट के कैलेंडर में एक बार फिर वह सुनहरा समय आ गया है, जिसका इंतजार करोड़ों खेल प्रेमी बेसब्री से कर रहे हैं। महिला क्रिकेट के सबसे बड़े मंच, महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के तीसरे सीजन का रोमांच कल, यानी 9 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला क्रिकेट जगत की दो सबसे लोकप्रिय और दिग्गज टीमों—डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पूर्व चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के बीच नवी मुंबई के ऐतिहासिक डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा।

एक नई जंग, पुरानी प्रतिद्वंद्विता

मुंबई इंडियंस और आरसीबी की प्रतिद्वंद्विता केवल पुरुषों के आईपीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि डब्ल्यूपीएल में भी इन दोनों टीमों के बीच होने वाले मैचों ने एक अलग ही स्तर का जुनून पैदा किया है। पिछले सीजन में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी ने जिस तरह से खिताबी सूखा खत्म किया था, उसने टीम के आत्मविश्वास को आसमान पर पहुंचा दिया है। वहीं, हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली मुंबई इंडियंस अपनी हार का बदला लेने और दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें

इस ओपनिंग मैच में दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की फौज है।

  • रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना की क्लासिक बल्लेबाजी के अलावा, एलिस पेरी की ऑलराउंडर क्षमता और ऋचा घोष की फिनिशिंग स्किल्स आरसीबी की ताकत हैं। गेंदबाजी में श्रेयंका पाटिल और रेणुका सिंह ठाकुर विपक्षी टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।

  • मुंबई इंडियंस: कप्तान हरमनप्रीत कौर के अलावा अमेलिया केर और नैट साइवर-ब्रंट जैसे दिग्गज खिलाड़ी टीम की रीढ़ हैं। मुंबई की गेंदबाजी लाइनअप हमेशा से उनकी मजबूती रही है, जिसमें पूजा वस्त्राकर और साइका इशाक जैसे मैच विजेता गेंदबाज शामिल हैं।

डीवाई पाटिल स्टेडियम में दिखेगा रोमांच

नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम अपनी हाई-स्कोरिंग पिचों के लिए जाना जाता है। शाम के समय ओस की भूमिका भी अहम हो सकती है, जो टॉस जीतने वाली टीम के निर्णय को प्रभावित करेगी। खचाखच भरे स्टेडियम और फैंस के शोर के बीच यह मुकाबला न केवल कौशल की परीक्षा होगा, बल्कि यह मानसिक मजबूती का भी खेल होगा।

महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर

WPL का तीसरा सीजन केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण और खेल के प्रति बदलते नजरिए का प्रतीक है। पिछले दो सीजन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट में निवेश और उत्साह की कोई कमी नहीं है। इस साल नई प्रतिभाओं के उभरने और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच की टक्कर को देखना दिलचस्प होगा।

कल रात जब दूधिया रोशनी में मैदान सजेगा, तो सिर्फ दो टीमें नहीं, बल्कि करोड़ों सपने मैदान पर उतरेंगे। क्या मंधाना की सेना अपनी बादशाहत कायम रखेगी या हरमनप्रीत की मुंबई जीत के साथ आगाज करेगी? इसका फैसला कल रात डीवाई पाटिल की पिच पर होगा।

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