
राजस्थान का ‘कैलिफोर्निया’ कहे जाने वाले श्रीगंगानगर जिले में इस बार सर्दियों की चमक कुछ खास होने वाली है। जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और यहां की पहचान बन चुके ‘किन्नू’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए 16 जनवरी 2026 से भव्य ‘किन्नू महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं।
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य
इस महोत्सव का प्राथमिक उद्देश्य श्रीगंगानगर के किन्नू की ब्रांडिंग करना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। हालांकि गंगानगर का किन्नू अपनी मिठास और रस के लिए देशभर में मशहूर है, लेकिन सही मार्केटिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी के कारण किसानों को अक्सर उचित दाम नहीं मिल पाते। यह महोत्सव व्यापारियों, निर्यातकों और किसानों के बीच एक सेतु (Bridge) का काम करेगा।
100 से अधिक स्टॉल्स और विशेष प्रदर्शनियां
प्रशासन के अनुसार, महोत्सव परिसर में 100 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स पर न केवल बेहतरीन गुणवत्ता वाले किन्नू प्रदर्शित किए जाएंगे, बल्कि इनसे बनने वाले सह-उत्पाद (By-products) जैसे जैम, जूस, कैंडी और कॉस्मेटिक उत्पादों का भी प्रदर्शन होगा।
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किन्नू की किस्में: प्रदर्शनी में किन्नू की विभिन्न हाइब्रिड और ऑर्गेनिक किस्मों को दिखाया जाएगा।
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तकनीकी स्टॉल: आधुनिक सिंचाई प्रणाली (Drip Irrigation) और कीटनाशक छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
किसानों के लिए विशेष कार्यशालाएं (Workshops)
महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों के लिए आयोजित होने वाली तकनीकी कार्यशालाएं होंगी। इसमें कृषि वैज्ञानिक और बागवानी विशेषज्ञ किसानों को निम्नलिखित विषयों पर जानकारी देंगे:
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रोग प्रबंधन: किन्नू के बागों में लगने वाले रोगों से बचाव के वैज्ञानिक तरीके।
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निर्यात की संभावनाएं: खाड़ी देशों और यूरोपीय देशों में किन्नू निर्यात करने के लिए जरूरी मानक (Quality Standards)।
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वैल्यू एडिशन: कैसे किसान सिर्फ फल बेचने के बजाय उसका जूस या पाउडर बनाकर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
पर्यटन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
यह महोत्सव केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं रहेगा। पर्यटकों को लुभाने के लिए शाम के समय राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। साथ ही, ‘किन्नू ईटिंग कॉम्पिटिशन’ (किन्नू खाने की प्रतियोगिता) जैसे रोचक इवेंट्स भी आयोजित किए जा सकते हैं, जो स्थानीय लोगों और सैलानियों के लिए मनोरंजन का साधन बनेंगे।
आर्थिक प्रभाव
श्रीगंगानगर में हजारों हेक्टेयर भूमि पर किन्नू के बाग हैं। इस महोत्सव के माध्यम से यदि बड़े निर्यातक सीधे किसानों से जुड़ते हैं, तो बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के भी इस कार्यक्रम में शिरकत करने की संभावना है, जिससे जिले के कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स की मांगों को मजबूती मिल सकती है।