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श्रीगंगानगर में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर: स्कूलों में अवकाश और आम जनजीवन पर प्रभाव

श्रीगंगानगर। राजस्थान का सबसे उत्तरी जिला, श्रीगंगानगर, इन दिनों भीषण शीत लहर (Cold Wave) की चपेट में है। जनवरी की शुरुआत के साथ ही यहां ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आज, 6 जनवरी 2026 को जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर 6.0°C तक पहुंच गया है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को चुनौती दी है।

प्रशासन का सख्त कदम: स्कूलों में छुट्टियां

बढ़ती ठंड और सुबह के समय घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। जिला कलेक्टर के आदेशानुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा नर्सरी से 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 10 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) को बढ़ा दिया गया है।

यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि सुबह के समय तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच रहा है, जिससे छोटे बच्चों में निमोनिया और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, शिक्षकों और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़े विद्यार्थियों के लिए स्कूल के समय में बदलाव के साथ संचालन जारी रह सकता है।

मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर सहित बीकानेर संभाग के कई जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालय की ओर से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

आगामी 48 घंटों में ‘पाले’ (Frost) की स्थिति बनने की भी संभावना है। दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच रहने के कारण श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे और सूरतगढ़ रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलने की सलाह दी गई है।

जनजीवन और व्यापार पर असर

कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

  • बाजारों में सन्नाटा: सुबह 10 बजे तक बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

  • अलाव का सहारा: शहर के प्रमुख चौराहों जैसे महाराजा गंगा सिंह चौक और रेलवे स्टेशन के बाहर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

  • नगर परिषद की व्यवस्था: प्रशासन द्वारा रैन बसेरों (Night Shelters) में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बेघर लोगों को रात की ठिठुरन से बचाया जा सके।

खेती-किसानी पर प्रभाव

श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है, इसलिए ठंड का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की ठंड गेहूं और सरसों की फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन यदि तापमान और गिरता है और ‘पाले’ की स्थिति बनती है, तो सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों में हल्की सिंचाई करें और खेतों के किनारों पर धुआं करें ताकि तापमान को नियंत्रित किया जा सके।


निष्कर्ष वर्तमान में श्रीगंगानगर में प्रकृति का कड़ा इम्तिहान चल रहा है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे गर्म कपड़ों का उपयोग करें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️