🢀
प्रशासनिक मुस्तैदी: ठंड से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास

1. आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में अवकाश का विस्तार

छोटे बच्चों को निमोनिया और सर्दी-जुकाम जैसे मौसमी रोगों से बचाने के लिए प्रशासन ने सबसे बड़ा फैसला आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर लिया है। जिले के सभी केंद्रों को अब 10 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

जहाँ तक निजी और सरकारी स्कूलों का सवाल है, पूर्व घोषित शीतकालीन अवकाश 5 जनवरी को समाप्त हो रहे हैं। हालांकि, आज की समीक्षा बैठक के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि यदि तापमान में गिरावट जारी रही और दृश्यता (Visibility) में सुधार नहीं हुआ, तो प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5 तक) के लिए छुट्टियों को आगे बढ़ाया जा सकता है या स्कूलों के समय में परिवर्तन कर उन्हें सुबह 10:30 बजे से शुरू किया जा सकता है।

2. रैन बसेरों का सुदृढ़ीकरण और ‘अलाव’ की व्यवस्था

सड़कों पर रात गुजारने वाले बेसहारा लोगों के लिए नगर परिषद और जिला प्रशासन ने रैन बसेरों (Shelter Homes) की व्यवस्था को पुख्ता किया है।

  • अलाव की व्यवस्था: शहर के मुख्य चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पतालों के बाहर सार्वजनिक अलाव जलाए जा रहे हैं।

  • गरम कपड़े और कंबल: रैन बसेरों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई गई है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वहां पर्याप्त मात्रा में कंबल और गरम पानी उपलब्ध हो।

  • निरीक्षण: जिला कलेक्टर ने स्वयं देर रात रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो।

3. स्वास्थ्य विभाग का ‘कोल्ड अलर्ट’

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी पीएचसी (PHC) और सीएचसी (CHC) को अलर्ट पर रखा है।

  • इमरजेंसी वार्ड: राजकीय चिकित्सालय में सर्दी से संबंधित बीमारियों के लिए विशेष वार्ड आरक्षित किए गए हैं।

  • एडवाइजरी: डॉक्टरों ने बुजुर्गों और हृदय रोगियों को सुबह और शाम की सैर से बचने की सलाह दी है, क्योंकि अत्यधिक ठंड रक्तचाप (Blood Pressure) बढ़ा सकती है।


प्रशासनिक व्यवस्थाएं: एक संक्षिप्त विवरण

विभाग उठाए गए कदम समय सीमा / स्थिति
महिला एवं बाल विकास आंगनबाड़ी केंद्रों की पूर्ण बंदी 10 जनवरी तक
शिक्षा विभाग प्राथमिक स्कूलों की समीक्षा 5 जनवरी के बाद फैसला
नगर परिषद रैन बसेरे और अलाव 24/7 सक्रिय
यातायात पुलिस कोहरे में सुरक्षा हेतु गश्त सुबह 4 बजे से 10 बजे तक

4. यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा

घने कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने हाईवे पर ‘रिफ्लेक्टर अभियान’ शुरू किया है। आवारा पशुओं और धीमी गति से चलने वाले वाहनों (जैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली) पर रेडियम टेप लगाए जा रहे हैं ताकि कोहरे में वे दूर से दिखाई दे सकें। प्रशासन ने निजी बस ऑपरेटरों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे धुंध के दौरान निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन न करें।

5. जन-सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और भामाशाहों से भी अपील की है कि वे इस भीषण ठंड में जरूरतमंदों को गरम कपड़े और जूते वितरित करने में सहयोग करें। ‘नेकी की दीवार’ जैसे उपक्रमों को फिर से सक्रिय किया गया है ताकि समाज का हर वर्ग सुरक्षित रह सके।

निष्कर्ष: श्रीगंगानगर प्रशासन की यह तत्परता दर्शाती है कि जिले में ठंड की स्थिति कितनी गंभीर है। अगले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, ऐसे में सरकारी आदेशों का पालन करना और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलना ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️