
श्रीगंगानगर: सरहदी जिले श्रीगंगानगर में नए साल के दूसरे दिन कुदरत के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं। समूचा जिला भीषण शीत लहर (Cold Wave) और घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। आलम यह है कि आज सुबह जिले के कई हिस्सों में दृश्यता (Visibility) शून्य तक पहुँच गई, जिससे न केवल यातायात प्रभावित हुआ है, बल्कि आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
कोहरे का तांडव और यातायात पर असर
शुक्रवार सुबह से ही जिले में कोहरे का इतना घना असर देखा गया कि महज 5 मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई। ट्रक और बस चालकों को दिन में भी हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर रेंगते हुए चलना पड़ा। कोहरे के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी अससविधा का सामना करना पड़ रहा है।
न्यूनतम तापमान और मौसम विभाग की चेतावनी
आज श्रीगंगानगर का न्यूनतम तापमान 6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ‘कनकनी’ (ठिठुरन) बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 48 से 72 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरे का घनत्व इसी प्रकार बना रह सकता है और पाला (Frost) गिरने की भी संभावना है, जो रबी की फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
प्रशासनिक फैसला: आंगनवाड़ी केंद्र बंद
बढ़ती ठंड और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को 10 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। छोटे बच्चों को सुबह की भीषण ठंड से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा, स्कूलों के समय में बदलाव को लेकर भी जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
खेती-किसानी पर प्रभाव
जहाँ एक ओर आम आदमी ठंड से बेहाल है, वहीं किसान इस कोहरे को लेकर मिले-जुले भाव रख रहे हैं। गेहूं और सरसों की फसल के लिए यह ठंड लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन यदि पाला गिरता है, तो सब्जियों और सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे पाले से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें या हल्की सिंचाई करें।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
चिकित्सकों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टरों के अनुसार:
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श्वसन रोग: अस्थमा और सांस की बीमारी वाले मरीजों को सुबह की सैर से बचना चाहिए।
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हृदय स्वास्थ्य: भीषण ठंड से रक्तचाप (Blood Pressure) बढ़ सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
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खान-पान: गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें और शरीर को पूरी तरह से ऊनी कपड़ों से ढककर रखें।
अलाव ही बना सहारा
शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से बचने का जतन करते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद द्वारा भी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बेसहारा लोगों को इस कड़ाके की ठंड से राहत मिल सके।