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यूरोपीय फुटबॉल: ट्रांसफर विंडो से पहले मची खलबली, मैनचेस्टर यूनाइटेड और लिवरपूल के बड़े फैसले

लंदन। जैसे-जैसे साल 2025 का अंत हो रहा है और 2026 की जनवरी ट्रांसफर विंडो करीब आ रही है, इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) के बड़े क्लबों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मैनचेस्टर यूनाइटेड जहां अपने पुराने भरोसेमंद चेहरों की वापसी की राह देख रहा है, वहीं लिवरपूल को एक बड़े झटके का सामना करना पड़ा है।

1. मैनचेस्टर यूनाइटेड: क्या ‘स्कॉट मैकटोमिने’ की होगी घर वापसी?

मैनचेस्टर यूनाइटेड के कैंप से इस वक्त सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि क्लब अपने पूर्व मिडफील्डर स्कॉट मैकटोमिने को वापस ओल्ड ट्रैफर्ड लाने की गंभीर योजना बना रहा है। इटली के क्लब नापोली (Napoli) के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे मैकटोमिने ने अपनी उपयोगिता साबित की है।

यूनाइटेड के नए मैनेजमेंट का मानना है कि मिडफील्ड में मजबूती और ‘क्लब डीएनए’ वाले खिलाड़ी की कमी खल रही है। कोच के अनुसार, मैकटोमिने का फिजिकल गेम और अंतिम समय में गोल करने की क्षमता टीम के मौजूदा संकट को दूर कर सकती है। हालांकि, नापोली उन्हें इतनी आसानी से छोड़ने को तैयार नहीं है, जिससे यह डील जनवरी की सबसे महंगी डील में से एक हो सकती है।

2. लिवरपूल को बड़ा झटका: अलेक्जेंडर इसाक चोटिल

खिताब की रेस में मजबूती से डटे लिवरपूल के लिए बुरी खबर आई है। उनके स्टार स्ट्राइकर अलेक्जेंडर इसाक गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव (Hamstring injury) आया है, जिसके कारण वे कम से कम तीन से चार महीनों के लिए मैदान से बाहर रहेंगे।

इसाक इस सीजन में लिवरपूल के प्रमुख गोल स्कोरर रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति में अब कोच को जनवरी विंडो में किसी नए स्ट्राइकर की तलाश करनी होगी। प्रशंसकों का मानना है कि इसाक की चोट टीम के खिताबी अभियान को पटरी से उतार सकती है, यदि बैकअप के रूप में किसी बड़े नाम को तुरंत शामिल नहीं किया गया।

3. मैनचेस्टर सिटी की नजरें ‘एंटोनी सेमेन्यो’ पर

खिताब के एक और प्रबल दावेदार मैनचेस्टर सिटी ने अपनी विंग्स को और धारदार बनाने के लिए बोर्नमाउथ के विंगर एंटोनी सेमेन्यो पर नजरें टिका दी हैं। सेमेन्यो ने इस सीजन में अपनी गति और ड्रिबलिंग से सभी को प्रभावित किया है। रिपोर्टों के अनुसार, पेप गार्डियोला उन्हें रियाद महरेज के संभावित दीर्घकालिक विकल्प के रूप में देख रहे हैं। सिटी इस रेस में सबसे आगे है और जल्द ही एक बड़ी आधिकारिक बोली (Bid) लगाने की तैयारी में है।

4. जनवरी ट्रांसफर विंडो का महत्व

फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल की जनवरी विंडो केवल ‘पैचवर्क’ नहीं बल्कि ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। क्लब न केवल इस सीजन की कमियों को दूर करना चाहते हैं, बल्कि आगामी चैंपियंस लीग के नॉकआउट चरणों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।

निष्कर्ष फुटबॉल की दुनिया में यह समय ‘उम्मीदों और अनिश्चितताओं’ का होता है। जहां मैनचेस्टर यूनाइटेड अपनी गलतियों को सुधारने की कोशिश में है, वहीं लिवरपूल के लिए अगले कुछ महीने कठिन परीक्षा वाले होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि 1 जनवरी को विंडो खुलते ही कौन सा क्लब सबसे बड़ा धमाका करता है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️