🢀
एशेज सीरीज: मेलबर्न में मची तबाही, 116 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर चल रहे ‘बॉक्सिंग डे टेस्ट’ ने इतिहास के पन्नों को पलट कर रख दिया है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच जारी एशेज सीरीज का यह मुकाबला बल्लेबाजों के लिए किसी डरावने सपने जैसा साबित हुआ, जबकि गेंदबाजों ने मैदान पर पूरी तरह से राज किया। खेल के पहले ही दिन जो कुछ भी हुआ, उसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।

116 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी

मेलबर्न की पिच पर घास और नमी का गेंदबाजों ने ऐसा फायदा उठाया कि पहले ही दिन 20 विकेट गिर गए। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह एक दुर्लभ घटना है। इससे पहले, मेलबर्न के मैदान पर एक ही दिन में इतने विकेट गिरने का रिकॉर्ड 116 साल पहले (1909) बना था। पिच से मिल रही अतिरिक्त उछाल और मूवमेंट के सामने दोनों टीमों के विश्व स्तरीय बल्लेबाज बेबस नजर आए। सुबह जब खेल शुरू हुआ तो किसी ने नहीं सोचा था कि शाम होने तक दोनों टीमें अपनी पहली पारी खेल चुकी होंगी।

जोश टंग का ऐतिहासिक ‘फाइफर’

इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज जोश टंग इस मैच के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ते हुए 5 विकेट (फाइफर) चटकाए। जोश टंग ने इस सदी (21वीं सदी) में मेलबर्न के मैदान पर पांच विकेट लेने वाले पहले अंग्रेज गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी सटीक लाइन और लेंथ ने स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन जैसे दिग्गजों को भी चकमा दे दिया। टंग के इस प्रदर्शन ने इंग्लैंड को मैच में वापस ला खड़ा किया है।

स्टीव स्मिथ: कैचिंग के नए सुल्तान

जहाँ एक ओर गेंदबाजों ने विकेट चटकाए, वहीं ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने फील्डिंग में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। स्लिप में अपनी चीते जैसी फुर्ती के लिए मशहूर स्मिथ ने इस मैच के दौरान टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच लेने के मामले में भारत के महान खिलाड़ी राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

स्मिथ अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में (विकेटकीपर को छोड़कर) सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। द्रविड़, जिन्हें अपनी सुरक्षित हथेलियों के लिए ‘द वॉल’ कहा जाता था, का यह रिकॉर्ड लंबे समय तक अटूट माना जाता था, लेकिन स्मिथ की एकाग्रता और रिफ्लेक्स ने उन्हें इस शिखर पर पहुँचा दिया।

मैच का रोमांच और आगे की राह

पहली पारी के इस नाटकीय पतन के बाद अब यह मैच पूरी तरह से गेंदबाजों के नियंत्रण में है। पिच का व्यवहार देखते हुए यह स्पष्ट है कि जो भी टीम दूसरी पारी में धैर्य के साथ बल्लेबाजी करेगी, वही जीत की हकदार होगी। एशेज की यह जंग अब न केवल तकनीक की है, बल्कि मानसिक मजबूती की भी बन गई है।

मेलबर्न टेस्ट का यह पहला दिन टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती और इसकी अनिश्चितता का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। दर्शकों के लिए यह दिन किसी ‘रोलर-कोस्टर राइड’ से कम नहीं था।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️