
भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभ, विराट कोहली और रोहित शर्मा, जब एक साथ मैदान पर उतरते हैं, तो रिकॉर्ड्स का टूटना तय होता है। लेकिन इस बार नजारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नहीं, बल्कि भारत की प्रतिष्ठित घरेलू वनडे टूर्नामेंट ‘विजय हजारे ट्रॉफी’ का था। लंबे समय के बाद इन दोनों दिग्गजों को अपनी-अपनी घरेलू टीमों (दिल्ली और मुंबई) के लिए खेलते देखना प्रशंसकों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं था।
बॉक्सिंग डे (26 दिसंबर) से ठीक एक दिन पहले, इन दोनों खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया कि फॉर्म अस्थायी हो सकती है, लेकिन क्लास हमेशा बरकरार रहती है।
विराट कोहली का ‘विंटेज’ अवतार: दिल्ली बनाम आंध्र
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आंध्र के खिलाफ खेलते हुए विराट कोहली ने अपनी पुरानी लय की याद दिला दी। दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी और शुरुआती झटकों के बाद विराट ने पारी को संभाला।
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पारी का विश्लेषण: कोहली ने 131 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें उन्होंने मात्र 118 गेंदों का सामना किया। उनकी इस पारी में 12 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
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तकनीक और नियंत्रण: विराट की बल्लेबाजी में वही पुराना अनुशासन देखने को मिला। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दिया और खराब गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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महत्व: विजय हजारे ट्रॉफी में विराट का यह शतक उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है, खासकर तब जब आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों पर टीम इंडिया को उनकी फॉर्म की सबसे ज्यादा जरूरत है।
रोहित शर्मा का ‘हिटमैन’ शो: मुंबई बनाम सिक्किम
दूसरी ओर, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में रोहित शर्मा ने सिक्किम के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। रोहित ने अपनी बल्लेबाजी से टी20 जैसा रोमांच पैदा कर दिया।
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पारी का विश्लेषण: रोहित ने महज 110 गेंदों में 155 रनों की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में रिकॉर्ड 10 छक्के और 14 चौके लगाए।
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आक्रामकता: रोहित ने पहले ओवर से ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट खेले और सिक्किम के किसी भी गेंदबाज को जमने का मौका नहीं दिया।
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टीम की जीत: उनकी इस कप्तानी पारी की बदौलत मुंबई ने एक विशाल स्कोर खड़ा किया और सिक्किम को एकतरफा मुकाबले में हराकर शानदार जीत दर्ज की।
घरेलू क्रिकेट के लिए एक नया सवेरा
विराट और रोहित जैसे सीनियर खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट में वापस आना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
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युवाओं के लिए प्रेरणा: जब मैदान पर विराट और रोहित जैसे खिलाड़ी होते हैं, तो विपक्षी टीम के युवा खिलाड़ियों और अपनी टीम के उभरते सितारों को उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
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टूर्नामेंट की लोकप्रियता: इन दिग्गजों की भागीदारी ने विजय हजारे ट्रॉफी की व्यूअरशिप और स्टेडियम में दर्शकों की संख्या को कई गुना बढ़ा दिया है।
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बॉक्सिंग डे का उत्साह: 26 दिसंबर को होने वाले मैचों से पहले इन दोनों की फॉर्म ने भारतीय चयनकर्ताओं और प्रशंसकों को राहत दी है।
निष्कर्ष
विराट कोहली के 131 रन और रोहित शर्मा के 155 रन केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह उनकी खेल के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। घरेलू वनडे फॉर्मेट में इन दोनों का ‘बॉक्सिंग डे धमाका’ यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य अनुभवी हाथों में सुरक्षित है। क्रिकेट प्रेमी अब उम्मीद कर रहे हैं कि यह फॉर्म आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भी जारी रहे।