
राजस्थान का उत्तरी जिला श्रीगंगानगर इन दिनों भीषण प्राकृतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। हिमालय की तराई से आने वाली बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से समूचा जिला ‘कोल्ड वेव’ (शीत लहर) की चपेट में है। आज सुबह श्रीगंगानगर ने इस सीजन के सबसे घने कोहरे का अनुभव किया, जिसने जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है।
विजिबिलिटी शून्य के करीब: सड़कों पर रेंगते वाहन
आज सुबह की शुरुआत एक सफेद अंधेरे के साथ हुई। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में विजिबिलिटी (दृश्यता) गिरकर मात्र 4 से 10 मीटर तक रह गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी अपनी गाड़ियों की हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। नेशनल हाईवे और लिंक रोड पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लंबी दूरी की बसें और निजी वाहन असुरक्षा के कारण ढाबों और सुरक्षित स्थानों पर रुकने को मजबूर दिखे।
रेलवे और रोडवेज सेवाओं पर असर
घने कोहरे का सबसे व्यापक असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली और दिल्ली, पंजाब व हरियाणा की ओर जाने वाली दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों की गति सीमा (Speed Limit) को कम कर दिया है। इसी तरह, राजस्थान रोडवेज और निजी बसों का परिचालन भी अस्त-व्यस्त है। सुबह चलने वाली बसें कोहरे के छंटने के इंतजार में घंटों देरी से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को बस स्टैंड पर ठिठुरती ठंड में इंतजार करना पड़ा।
शीत लहर का ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विभाग (IMD) ने श्रीगंगानगर और आसपास के हनुमानगढ़ जिले के लिए ‘कोल्ड वेव’ का अलर्ट जारी किया है। आगामी 48 से 72 घंटों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। रात का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु (0°C) के करीब पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। बर्फीली हवाओं के कारण दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है, जिससे ‘सीवियर कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है।
कृषि और स्वास्थ्य पर प्रभाव
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किसानों की चिंता: कोहरा और पाला गिरने की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सरसों और सब्जियों की फसल पर पाला पड़ने का खतरा है, हालांकि गेहूं की फसल के लिए यह ठंड लाभदायक मानी जा रही है।
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स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां: जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, अचानक बढ़ी ठंड से हृदय रोगियों और सांस के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम घर के अंदर रहने की सलाह दी है।
प्रशासनिक कदम
बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला कलेक्टर ने स्कूलों के समय में परिवर्तन के संकेत दिए हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर नगर परिषद द्वारा अलाव की व्यवस्था की जा रही है ताकि बेसहारा लोग ठंड से बच सकें। रैन बसेरों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।