
श्रीगंगानगर, 21 दिसंबर 2025: राजस्थान का उत्तरी छोर और पंजाब की सीमा से सटा जिला श्रीगंगानगर इन दिनों भीषण शीत लहर और घने कोहरे की चपेट में है। मरुस्थलीय जलवायु और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के संगम ने यहाँ जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। आज शहर का न्यूनतम तापमान 12°C दर्ज किया गया, जिसने ठिठुरन को काफी बढ़ा दिया है।
कोहरे का कहर और शून्य दृश्यता (Visibility)
आज सुबह की शुरुआत एक घने सफेद चादर (कोहरे) के साथ हुई। आलम यह था कि सुबह 8 बजे तक मुख्य सड़कों पर दृश्यता 10 मीटर से भी कम रह गई। इस घने कोहरे का सबसे बुरा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है:
-
सड़क यातायात: नेशनल हाईवे और लिंक रोड पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट और इंडिकेटर का सहारा लेना पड़ा। लंबी दूरी की बसें अपने निर्धारित समय से 2-3 घंटे की देरी से चल रही हैं।
-
रेलवे पर प्रभाव: कोहरे के कारण श्रीगंगानगर आने वाली और यहाँ से जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। लंबी दूरी की रेलगाड़ियाँ घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर कड़ाके की ठंड में इंतजार करना पड़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का प्रभाव
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। यह एक मौसमी घटना है जो भूमध्य सागर से उठने वाली आर्द्र हवाओं के कारण होती है।
विशेषज्ञों का कहना है: “अगले 48 घंटों में इस विक्षोभ के कारण श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। यदि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होती है, तो मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं (Cold Wave) चलेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में और 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।”
आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर
कड़ाके की इस ठंड ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। शहर के सार्वजनिक स्थलों और बस स्टैंडों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने बेघर लोगों के लिए रैनबसेरों की व्यवस्था को और पुख्ता किया है।
स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी: स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
-
श्वसन संबंधी समस्या: कोहरे और प्रदूषण के मिलने से ‘स्मॉग’ की स्थिति बन सकती है, जो अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए घातक है।
-
बच्चों और बुजुर्गों का बचाव: छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है क्योंकि तापमान में गिरावट से हाइपोथर्मिया और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
कृषि पर प्रभाव: वरदान या अभिशाप?
श्रीगंगानगर एक कृषि प्रधान जिला है। वर्तमान में रबी की फसल, विशेषकर गेहूं और सरसों, खेतों में लहलहा रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यह हल्की ठंड और कोहरा गेहूं की फसल के लिए ‘अमृत’ के समान है क्योंकि इससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ती है। हालांकि, यदि आने वाले दिनों में पाला (Frost) गिरता है, तो सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावना भी बनी रहती है।