
बैडमिंटन की दुनिया से आज भारत के लिए एक गौरवशाली खबर आई है। भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने अपने शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड टूर फाइनल्स 2025 के नॉकआउट चरण (सेमीफाइनल) में जगह पक्की कर ली है। आज, 20 दिसंबर को खेले गए ग्रुप स्टेज के एक निर्णायक मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी, मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक को सीधे सेटों में परास्त किया।
मैच का रोमांच: आक्रमण और रक्षा का सटीक संतुलन
सात्विक और चिराग, जिन्हें खेल जगत में ‘ब्रदर्स ऑफ डिस्ट्रक्शन’ के नाम से भी जाना जाता है, ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
-
पहला सेट: भारतीय जोड़ी ने आक्रामक शुरुआत की। सात्विक के दमदार ‘थंडर स्मैश’ और चिराग की नेट पर चतुराई भरी सर्विस के सामने मलेशियाई जोड़ी बेबस नजर आई। पहला सेट सात्विक-चिराग ने 21-15 से अपने नाम किया।
-
दूसरा सेट: दूसरे सेट में पूर्व विश्व चैंपियन चिया और सोह ने वापसी की कोशिश की और एक समय स्कोर 18-18 से बराबर था। हालांकि, दबाव के क्षणों में सात्विक और चिराग ने अपना संयम नहीं खोया और लगातार तीन अंक जीतकर सेट 21-19 और मैच अपने नाम कर लिया।
बदला और बादशाहत
मलेशिया की यह जोड़ी ऐतिहासिक रूप से सात्विक-चिराग के लिए एक कठिन चुनौती रही है। अतीत में कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में मलेशियाई जोड़ी ने भारत को हराया था, लेकिन आज की जीत यह दर्शाती है कि भारतीय जोड़ी अब मानसिक और तकनीकी रूप से नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुकी है। इस जीत के साथ ही सात्विक-चिराग ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
खिताब की प्रबल दावेदार
विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज रह चुकी यह जोड़ी इस समय अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर से गुजर रही है।
-
निरंतरता: इस साल सात्विक-चिराग ने 4 बड़े खिताब जीते हैं, और वर्ल्ड टूर फाइनल्स के नॉकआउट में पहुंचना उनकी निरंतरता का प्रमाण है।
-
रणनीति: कोच पुलेला गोपीचंद और विदेशी कोचों के मार्गदर्शन में सात्विक के स्मैश और चिराग की कोर्ट कवरेज में गजब का सुधार हुआ है।
-
इतिहास रचने के करीब: अगर भारतीय जोड़ी यह खिताब जीतती है, तो वे वर्ल्ड टूर फाइनल्स जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष युगल जोड़ी बन जाएंगे।
अगली चुनौती: सेमीफाइनल की राह
नॉकआउट राउंड में प्रवेश के साथ ही अब भारतीय प्रशंसकों की निगाहें सेमीफाइनल पर टिकी हैं। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला ग्रुप-B की उपविजेता जोड़ी (संभवतः चीन या दक्षिण कोरिया) से होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह की ‘सिंक्रोनाइजेशन’ और ऊर्जा सात्विक-चिराग दिखा रहे हैं, उन्हें रोकना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल होगा।
पूरी भारतीय बैडमिंटन बिरादरी और खेल प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि साल 2025 का अंत सात्विक और चिराग एक स्वर्ण पदक के साथ करेंगे।