
श्रीगंगानगर शहर के निवासियों को आज 20 दिसंबर 2025 को कड़ाके की ठंड के बीच बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। CESC (सीईएससी) राजस्थान द्वारा पूर्व घोषित मेंटेनेंस (रखरखाव) कार्यक्रम के तहत शहर के बड़े हिस्से में सुबह से शाम तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। विभाग का तर्क है कि यह कटौती सर्दियों के चरम मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और तकनीकी फॉल्ट को रोकने के लिए अनिवार्य थी।
इन इलाकों में रहा सबसे ज्यादा असर
बिजली कटौती का मुख्य केंद्र शहर के व्यस्ततम और रिहाइशी इलाके रहे। CESC के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य के कारण निम्नलिखित क्षेत्रों में सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बिजली बंद रखी गई:
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नायपुरा और जेल रोड: इन क्षेत्रों में लाइनों के ऊपर से गुजर रही पेड़ों की टहनियों की छंटाई का बड़ा अभियान चलाया गया।
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जंक्शन और रेलवे कॉलोनी: जंक्शन के कुछ फीडरों पर इंसुलेटर बदलने और ढीले तारों को कसने का काम किया गया।
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वार्ड नंबर 10 से 25 के कुछ हिस्से: इन वार्डों में स्थानीय ट्रांसफार्मरों की सर्विसिंग की गई।
क्यों जरूरी था यह मेंटेनेंस?
सर्दियों के मौसम में अक्सर कोहरे और नमी (Moisture) के कारण बिजली की लाइनों में ‘स्पार्किंग’ और ‘ट्रिपिंग’ की समस्या बढ़ जाती है। विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि:
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पेड़ों की छंटाई: मानसून और उसके बाद बढ़ी पेड़ों की टहनियां अक्सर हाई-वोल्टेज लाइनों को छूने लगती हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता है। कोहरे के समय यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है।
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इंसुलेटर की सफाई: लाइनों पर जमी धूल और कार्बन को साफ किया गया ताकि सर्दियों में नमी के कारण होने वाले लीकेज को रोका जा सके।
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लोड बैलेंसिंग: जंक्शन और नायपुरा जैसे इलाकों में बिजली के लोड को संतुलित करने के लिए जंपर और पुराने तारों को बदला गया।
आम जनजीवन पर प्रभाव
बिजली गुल रहने से शहरवासियों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई। चूंकि आज शनिवार था, इसलिए घरों में घरेलू कामकाज के साथ-साथ ऑनलाइन काम करने वाले प्रोफेशनल्स को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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पेयजल आपूर्ति बाधित: कई इलाकों में बिजली न होने के कारण पानी की मोटरों का संचालन नहीं हो सका, जिससे शाम के समय पानी का दबाव कम रहा।
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व्यापार जगत: जेल रोड और जंक्शन क्षेत्र के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फोटोकॉपी, कंप्यूटर वर्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर आधारित काम ठप रहे। दुकानदारों को जनरेटर और इनवर्टर का सहारा लेना पड़ा, जिससे उनकी लागत में भी बढ़ोतरी हुई।
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हीटर और गीजर हुए शांत: कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच बिजली न होने से लोग रूम हीटर और वॉटर गीजर का इस्तेमाल नहीं कर पाए, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खासी परेशानी हुई।
CESC राजस्थान की अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि इस तरह के मेंटेनेंस कार्य भविष्य में बड़े ‘ब्रेकडाउन’ को रोकने के लिए आवश्यक हैं। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि शाम 5:00 बजे के बाद सभी क्षेत्रों में आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। हालांकि, कुछ तकनीकी खामियों के कारण कुछ गलियों में बिजली आधा घंटा देरी से बहाल हुई।
अगले सप्ताह की योजना
सूत्रों के अनुसार, CESC अगले सप्ताह शहर के बाहरी क्षेत्रों (Outer areas) और औद्योगिक क्षेत्र में भी इसी तरह का मेंटेनेंस अभियान चला सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने मोबाइल नंबर बिजली खाते से लिंक रखें ताकि कटौती की सूचना SMS के जरिए समय पर मिल सके।