
श्रीगंगानगर। राजस्थान का ‘अन्न कटोरा’ कहा जाने वाला सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की चपेट में है। 18 दिसंबर की सुबह जिलेवासियों के लिए एक सफेद चादर के साथ शुरू हुई, जहां विजिबिलिटी (दृश्यता) घटकर 5 मीटर से भी कम रह गई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने पूरे जिले की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
कोहरे का कहर: सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन
गुरुवार सुबह से ही जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इतना घना कोहरा था कि चंद कदमों की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। नेशनल हाईवे-62 (श्रीगंगानगर-सूरतगढ़) और अन्य लिंक रोड्स पर वाहनों की आवाजाही सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स जलाकर रेंगते हुए चलने को मजबूर दिखे। कई निजी और रोडवेज बसें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: क्यों बदला मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और सब-ट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम के प्रभाव से हवाओं के रुख में बदलाव आया है। इसके कारण अरब सागर से आने वाली नमी और उत्तर की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं के मिलन से घना कोहरा बन रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 से 72 घंटों तक जिले में इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है।
ठिठुरन बढ़ी: तापमान में भारी गिरावट
शीतलहर के कारण जिले के न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और रात के समय पारा 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। कड़ाके की इस ठंड ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। बाजार भी देरी से खुल रहे हैं और शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं।
खेती-किसानी: फसलों के लिए ‘अमृत’ और ‘आफत’ दोनों
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोहरा और ओस की बूंदें रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों के लिए ‘अमृत’ के समान हैं। इससे फसलों में फुटाव अच्छा होता है। हालांकि, यदि आने वाले दिनों में तापमान और गिरता है और पाला (Frost) पड़ता है, तो पाले के कारण सरसों की फसल को नुकसान होने की भी आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पाले से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करें और हल्की सिंचाई करें।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सलाह
कोहरे के कारण हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
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वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग करें और गति धीमी रखें।
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सड़कों पर इंडिकेटर का लगातार प्रयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम की अत्यधिक ठंड से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि शीतलहर से सांस और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
निष्कर्ष: श्रीगंगानगर में फिलहाल सर्दी का सितम कम होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। जिले के लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के अपडेट के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक सावधानी बरतें।