
श्रीगंगानगर। राजस्थान के सरहदी जिले श्रीगंगानगर के नाम आज एक ऐसी उपलब्धि जुड़ गई है, जिसने पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। शहर की प्रतिभाशाली छात्रा गीताली गुप्ता ने देश की सबसे प्रतिष्ठित कानूनी प्रवेश परीक्षा, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2026 में अखिल भारतीय स्तर पर पहली रैंक (AIR 1) हासिल कर इतिहास रच दिया है। यह पहला अवसर है जब श्रीगंगानगर जिले के किसी विद्यार्थी ने इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प की जीत
जैसे ही राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLU) के कंसोर्टियम ने परिणाम घोषित किए, गीताली के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। गीताली ने इस परीक्षा में असाधारण प्रदर्शन करते हुए देशभर के हजारों मेधावी छात्रों को पीछे छोड़ दिया। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी वर्षों की तपस्या और नियमित दिनचर्या छिपी है।
गीताली ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “मेरा सपना हमेशा से कानून के क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का था। CLAT की तैयारी के लिए मैंने पिछले दो वर्षों से खुद को पूरी तरह पढ़ाई के प्रति समर्पित कर दिया था। मेरा मानना है कि सफलता के लिए घंटों की गिनती से ज्यादा महत्वपूर्ण पढ़ाई की गुणवत्ता (Quality Study) है।”
तैयारी की रणनीति: मॉक टेस्ट और समाचार पत्रों पर जोर
गीताली की सफलता का मंत्र ‘निरंतरता’ (Consistency) रहा। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान:
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दैनिक समाचार पत्र: करंट अफेयर्स और लीगल रीजनिंग को मजबूत करने के लिए रोजाना 2-3 घंटे अखबारों का गहन अध्ययन किया।
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मॉक टेस्ट: अपनी गति और सटीकता बढ़ाने के लिए उन्होंने 100 से अधिक मॉक टेस्ट हल किए।
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डिजिटल डिटॉक्स: तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, ताकि एकाग्रता भंग न हो।
परिवार में खुशी का माहौल
गीताली के पिता और माता, जो स्वयं शिक्षा और सामाजिक कार्यों से जुड़े हैं, अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। उनके माता-पिता का कहना है कि गीताली बचपन से ही जिज्ञासु प्रवृत्ति की थी और तार्किक बहस करने में उसकी गहरी रुचि थी। घर में हमेशा से ही पढ़ाई का सकारात्मक माहौल रहा, जिससे उसे अपनी क्षमताओं को निखारने में मदद मिली।
भविष्य के लक्ष्य: न्यायपालिका में जाने की इच्छा
AIR 1 हासिल करने के बाद अब गीताली देश के सर्वश्रेष्ठ लॉ स्कूल, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु में प्रवेश लेंगी। अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वह कॉर्पोरेट जगत के बजाय न्यायपालिका (Judiciary) में जाना चाहती हैं। वह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय दिलाने और देश की कानूनी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए काम करना चाहती हैं।
जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा
श्रीगंगानगर जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर टॉप करना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या महंगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती। स्थानीय प्रशासन और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने गीताली को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। सोशल मीडिया पर भी सुबह से ही #GitaliGupta और #Sriganganagar ट्रेंड कर रहा है।
निष्कर्ष: गीताली गुप्ता की यह जीत केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन हजारों छोटे शहर के विद्यार्थियों के सपनों की जीत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद आसमान छूने का जज्बा रखते हैं। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी।