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🎓 मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का ऐतिहासिक विस्तार और कैंसर उपचार की आधुनिकता 🏥

भोपाल: मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा हासिल की गई अभूतपूर्व प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश अब न केवल चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर कैंसर उपचार, को आम जनता तक पहुँचाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मेडिकल कॉलेजों और सीटों में भारी वृद्धि

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण छलांग लगाई है:

  • शासकीय मेडिकल कॉलेज: राज्य में शासकीय (सरकारी) मेडिकल कॉलेजों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। यह संख्या 14 से बढ़कर 19 हो गई है। यह विस्तार छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने और ग्रामीण तथा दूरदराज के क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

  • एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी: कॉलेजों की संख्या बढ़ने के साथ ही, एमबीबीएस (MBBS) सीटों की कुल संख्या भी बढ़कर 5550 तक पहुँच गई है। यह वृद्धि उन हज़ारों छात्रों के लिए आशा की किरण है जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं और अब उन्हें निजी कॉलेजों की महंगी फीस से मुक्ति मिल सकती है।

इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में मानव संसाधन (Human Resources) की कमी को दूर करना और प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक तकनीक

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ, राज्य सरकार ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी अत्याधुनिक सुविधाओं को ज़िले स्तर पर सुलभ बनाया है।

  • लिनियर एक्स-रेटर मशीनें: उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के चार प्रमुख शहरों—इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर—में अत्याधुनिक लिनियर एक्स-रेटर मशीनें (Linear Accelerators) स्थापित की गई हैं।

  • उन्नत कैंसर उपचार: लिनियर एक्स-रेटर मशीनें आधुनिक विकिरण चिकित्सा (Radiation Therapy) में उपयोग की जाती हैं, जो कैंसर की कोशिकाओं को सटीकता से नष्ट करने में मदद करती हैं, जबकि आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुँचाती हैं। इन मशीनों की उपलब्धता से अब गंभीर कैंसर रोगियों को उपचार के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

  • सुलभता: इन मशीनों की स्थापना से कैंसर उपचार की उन्नत सुविधाएँ अब प्रदेश स्तर पर अधिक सुलभ हो गई हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीज़ों को लंबी यात्रा और भारी खर्च से राहत मिली है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल संख्यात्मक वृद्धि पर नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को स्थापित करने पर है। यह प्रगति मध्य प्रदेश को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक मजबूत और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️