
नई दिल्ली: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (Production-Linked Incentive – PLI) योजना ने देश में चिकित्सा उपकरणों (Medical Devices) के घरेलू विनिर्माण क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्रांति ला दी है। इस योजना की सफलता ने न केवल आयात पर देश की निर्भरता को कम किया है, बल्कि स्वास्थ्य देखभाल की लागत को भी प्रभावी ढंग से कम करने में मदद की है।
PLI योजना का उद्देश्य और सफलता
भारत ऐतिहासिक रूप से उच्च-स्तरीय चिकित्सा उपकरणों के लिए आयात पर निर्भर रहा है, जिससे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की लागत बढ़ जाती थी। PLI योजना को इस निर्भरता को कम करने और देश को चिकित्सा उपकरणों के वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था।
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बड़ी परियोजनाएं मंजूर: PLI योजना के तहत, सरकार ने देश भर में कई बड़ी विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं ने डायग्नोस्टिक इमेजिंग उपकरण (जैसे एमआरआई और सीटी स्कैनर), इम्प्लांट्स, और उच्च-उपभोग वाले चिकित्सा उपकरणों सहित विभिन्न श्रेणियों के उन्नत उपकरण बनाना शुरू कर दिया है।
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विनिर्माण में प्रगति: इस योजना ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है और घरेलू कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमताओं का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि देश में अब उच्च श्रेणी के चिकित्सा उपकरण स्थानीय स्तर पर बन रहे हैं, जो गुणवत्ता के मामले में वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं।
लागत में 30% तक की कमी
PLI योजना की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि इसने स्वास्थ्य देखभाल को आम जनता के लिए अधिक किफायती बना दिया है।
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आयातित बनाम घरेलू: घरेलू विनिर्माण के बढ़ने और सरकारी प्रोत्साहनों के कारण, ये ‘मेड इन इंडिया’ उपकरण आयातित उत्पादों की तुलना में 10% से लेकर 30% तक सस्ते हो गए हैं।
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स्वास्थ्य देखभाल की लागत में कमी: चिकित्सा उपकरणों की लागत में यह कमी सीधे तौर पर अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को लाभ पहुँचाती है, जिससे रोगियों के लिए उपचार की समग्र लागत कम हो जाती है। यह सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए ‘PRIP’ योजना
घरेलू विनिर्माण को मज़बूत करने के साथ-साथ, सरकार ने फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार (Research and Innovation) को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना ‘PRIP’ (Promotion of Research and Innovation in Pharma-MedTech) भी शुरू की है।
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लक्ष्य: ‘PRIP’ योजना का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास (R&D) को प्रोत्साहित करना है।
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भविष्य की तैयारी: यह योजना भारत को न केवल उत्पादों का निर्माता बल्कि चिकित्सा समाधानों का आविष्कारक (Innovator) बनाने की दिशा में केंद्रित है, जो लंबी अवधि में देश की स्वास्थ्य सुरक्षा और निर्यात क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।
संक्षेप में, चिकित्सा उपकरणों के लिए PLI योजना भारत को आयात पर निर्भर देश से विनिर्माण और नवाचार के केंद्र में बदल रही है, जिससे अंततः प्रत्येक नागरिक को बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी।