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📉 किडनी पर कमर के मोटापे का साया: पेट की चर्बी से किडनी फंक्शन में आती है तेजी से गिरावट

नई दिल्ली। हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा अनुसंधान ने पेट के मोटापे (कमर के आसपास जमा चर्बी) और किडनी के स्वास्थ्य के बीच एक खतरनाक संबंध उजागर किया है। इस शोध के निष्कर्ष चेतावनी देते हैं कि केवल अधिक वजन या मोटापे को ही नहीं, बल्कि विशेष रूप से कमर के आकार को नियंत्रित करना भी दीर्घकालिक किडनी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि पेट की चर्बी (Belly Fat) का जमाव सीधे तौर पर किडनी के कार्य (Kidney Function) में तेजी से गिरावट के जोखिम को बढ़ा सकता है।

4 साल का व्यापक अध्ययन और प्रमुख निष्कर्ष

 

यह शोध कुल 4374 प्रतिभागियों पर केंद्रित था और लगभग 4 साल की अवधि तक चला। अध्ययन का उद्देश्य यह पता लगाना था कि शरीर में चर्बी के वितरण, विशेषकर पेट के क्षेत्र में, का किडनी फंक्शन की गिरावट की दर पर क्या प्रभाव पड़ता है।

अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों की कमर का साइज़ (Waist Circumference) अधिक था, वे उन लोगों की तुलना में अधिक जोखिम में थे जिनकी कमर पतली थी। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण माप कमर और ऊंचाई का अनुपात (Waist-to-Height Ratio) था।

  • खतरे का निशान: शोध के अनुसार, जिन व्यक्तियों में कमर और ऊंचाई का अनुपात $0.50$ से अधिक पाया गया, उनमें किडनी फंक्शन में तेजी से गिरावट (Rapid Decline in Kidney Function) आने का जोखिम काफी बढ़ गया था।

  • सीधा संबंध: यह निष्कर्ष पेट की चर्बी और किडनी की कार्यक्षमता के बीच एक सीधा और मजबूत संबंध स्थापित करता है। पेट की चर्बी (Visceral Fat) सक्रिय रूप से हार्मोन और साइटोकिन्स जैसे सूजन पैदा करने वाले पदार्थों को स्रावित करती है, जो किडनी के सूक्ष्म फिल्ट्रेशन सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्यों Waist-to-Height Ratio है महत्वपूर्ण?

 

पारंपरिक रूप से, मोटापे को मापने के लिए बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का उपयोग किया जाता रहा है। हालांकि, शोधकर्ताओं का मानना है कि कमर और ऊंचाई का अनुपात BMI की तुलना में अधिक सटीक उपाय है, खासकर किडनी पर जोखिम का आकलन करने के लिए।

BMI केवल समग्र वजन को ध्यान में रखता है, जबकि कमर का अनुपात सीधे तौर पर पेट के भीतर जमा हुई खतरनाक ‘आंत की चर्बी’ (Visceral Fat) की मात्रा को इंगित करता है। यह विसरल फैट ही है जो अंगों के आसपास जमा होकर मेटाबॉलिक सिंड्रोम, मधुमेह, हृदय रोग और अब किडनी की बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक बनता है।

स्वास्थ्य सलाह: कमर को रखें नियंत्रित

 

इस अध्ययन के नतीजे लोगों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी के रूप में सामने आए हैं। यह शोध अब लोगों को पेट की चर्बी कम करने और कमर के आकार को नियंत्रित रखने की सलाह देता है, और यह सलाह केवल हृदय स्वास्थ्य या मधुमेह के लिए नहीं, बल्कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि $0.50$ के अनुपात को पार करने से बचने के लिए, लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए और अपने जीवनशैली में सुधार लाना चाहिए ताकि कमर का माप ऊंचाई के आधे से कम रहे।

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