
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित हो रहे दूसरे महिला कबड्डी विश्व कप 2025 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपनी बादशाहत को पूरी तरह से कायम रखा है। गत चैंपियन (Defending Champion) भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में एक भी मैच न हारते हुए अपराजित (Unbeaten) रहते हुए शानदार तरीके से सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
🌟 ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन
भारतीय टीम ने पूरे ग्रुप स्टेज में अपना दबदबा बनाए रखा और अपने से कहीं कमजोर मानी जा रही टीमों के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया। टीम ने अपनी ताकत, रणनीति और अनुभव का बेजोड़ तालमेल दिखाया, जिससे वह लगातार चार में से चार मैच जीतने में सफल रही। इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल टीम को ग्रुप में शीर्ष स्थान दिलाया, बल्कि विपक्षी टीमों को यह संदेश भी दिया कि भारतीय टीम इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार है।
भारतीय टीम के अटैकिंग रेडर्स (आक्रमणकारी रेडर) और मजबूत डिफेंडर्स (बचाव पक्ष) ने हर मैच में विपक्षी टीम को दबाव में रखा। कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों के शानदार नेतृत्व में, टीम ने हर विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, चाहे वह सुपर टैकल हो या ऑल आउट करना।
🇮🇳 आखिरी ग्रुप मैच में युगांडा पर बड़ी जीत
सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने के लिए भारतीय टीम ने अपना आखिरी ग्रुप मैच युगांडा के खिलाफ खेला। यह मुकाबला एकतरफा साबित हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने अपनी पूरी शक्ति का प्रदर्शन किया।
भारतीय खिलाड़ियों ने युगांडा की टीम को किसी भी मौके पर वापसी का मौका नहीं दिया। रेडिंग और टैकलिंग दोनों में ही भारत का प्रदर्शन लाजवाब रहा। मैच का स्कोर भारतीय टीम के दबदबे को दर्शाता है—भारत ने युगांडा को 51-16 के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। यह जीत न केवल बड़ी थी, बल्कि इसने भारतीय टीम के रन रेट को भी मजबूत किया और टीम को आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट स्टेज में प्रवेश करने की अनुमति दी।
💪 आत्मविश्वास और गति (Momentum)
ग्रुप स्टेज में अपराजित रहना और बड़े अंतर से जीत हासिल करना भारतीय टीम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह जीत टीम के लिए फाइनल में खिताब की रक्षा करने के लिए जबरदस्त आत्मविश्वास और गति (Momentum) लेकर आई है।
खिलाड़ियों के बीच टीम वर्क और आत्मविश्वास का स्तर ऊंचा है। यह गति उन्हें सेमीफ़ाइनल और संभावित रूप से फाइनल जैसे हाई-प्रेशर वाले नॉकआउट मुकाबलों में स्थिरता प्रदान करेगी। टीम का अगला लक्ष्य सेमीफ़ाइनल में भी इसी तरह का प्रदर्शन दोहराकर फाइनल में प्रवेश करना होगा, जहाँ वे अपने विश्व कप खिताब को बनाए रखने की कोशिश करेंगी। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि टीम इस बार भी विश्व कप ट्रॉफी लेकर देश लौटेगी।