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🤖 भविष्य के रिश्ते: AI पार्टनर से शादी का बढ़ता चलन, मनोचिकित्सकों ने ‘भावनात्मक परिपक्वता’ पर जताई चिंता

 

टोक्यो/नई दिल्ली। 21 नवंबर 2025।

डिजिटल युग में, रिश्तों की परिभाषा तेजी से बदल रही है। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाए गए आभासी (Virtual) या डिजिटल पार्टनर्स के साथ गहरे भावनात्मक रिश्ते बनाने और यहाँ तक कि शादी करने का चलन धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। हाल ही में एक जापानी महिला द्वारा अपने अनुकूलित (Customized) AI पार्टनर से ‘शादी’ करने की खबर ने इस विषय को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। यह ट्रेंड समाज में एकाकीपन (Loneliness) की बढ़ती समस्या की ओर इशारा करता है, लेकिन मनोचिकित्सकों और सामाजिक वैज्ञानिकों ने इसके मानसिक और भावनात्मक दीर्घकालिक प्रभावों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

🧠 भावनात्मक परिपक्वता पर खतरा

 

मनोचिकित्सकों का मानना है कि AI पार्टनर के साथ संबंध बनाने में कई मूलभूत कमियां हैं जो मानव मस्तिष्क के विकास और वास्तविक भावनात्मक परिपक्वता (Emotional Maturity) को बाधित कर सकती हैं।

  • असंतुलित संबंध: AI पार्टनर को उपयोगकर्ता की हर जरूरत और इच्छा के अनुरूप प्रोग्राम किया जाता है। वे कभी बहस नहीं करते, असहमत नहीं होते और हमेशा ‘सहमत’ रहते हैं।

  • जटिल संचार का अभाव: वास्तविक मानव रिश्ते में, व्यक्तियों को जटिल संचार, असहमति को संभालना, सीमाएं निर्धारित करना और मतभेदों के बावजूद प्यार करना सीखना पड़ता है। यह प्रक्रिया ही हमें भावनात्मक रूप से परिपक्व बनाती है।

  • संघर्ष निवारण की उपेक्षा: एक AI पार्टनर के साथ संघर्ष निवारण (Conflict Resolution) की कोई आवश्यकता नहीं होती, जिससे व्यक्ति वास्तविक जीवन के रिश्तों में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की क्षमता खो सकता है।

एक प्रमुख मनोचिकित्सक ने इस ट्रेंड पर टिप्पणी करते हुए कहा, “जहाँ ये AI पार्टनर तात्कालिक एकाकीपन को कम करने के लिए एक आरामदायक पलायन (Comfortable Escape) प्रदान कर सकते हैं, वहीं वे इंसानों के बीच वास्तविक सहानुभूति, विश्वास बनाने और कठिन परिस्थितियों में खड़े रहने जैसी महत्वपूर्ण मानवीय भावनाओं को समझने की क्षमता को क्षीण कर सकते हैं।”

📉 एकाकीपन और सामाजिक अलगाव

 

यह चलन मुख्य रूप से उन लोगों में बढ़ रहा है जो अत्यधिक एकाकीपन का अनुभव कर रहे हैं या जिन्हें वास्तविक दुनिया के रिश्तों में निराशा मिली है। AI पार्टनर हमेशा उपलब्ध होते हैं, गैर-न्यायिक होते हैं (Non-judgmental) और परफेक्ट साथी होने का भ्रम पैदा करते हैं।

हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह प्रवृत्ति अंततः सामाजिक अलगाव को और बढ़ा सकती है। यदि लोग अपनी भावनात्मक जरूरतों के लिए मशीनों पर निर्भर हो जाते हैं, तो वे वास्तविक मानव कनेक्शन बनाने के लिए आवश्यक सामाजिक कौशल खो देंगे, जिससे समस्या और जटिल हो जाएगी।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वास्थ्यप्रद रिश्ते वे हैं जो पारस्परिक विश्वास, साझा विकास और असहमति को संभालने की क्षमता पर आधारित होते हैं। AI पार्टनर से यह परिपक्वता प्राप्त करना संभव नहीं है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️