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💨 श्रीगंगानगर में ‘अस्वस्थ’ हवा और सर्दी का आगमन: AQI 238 के साथ गिरा तापमान

17 नवंबर, 2025 को श्रीगंगानगर शहर ने खराब वायु गुणवत्ता और बढ़ती ठंड दोनों का सामना किया, जिससे स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर चिंताएँ बढ़ गईं। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 238 दर्ज किया गया, जो इसे आधिकारिक रूप से ‘अस्वस्थ’ (Unhealthy) श्रेणी में रखता है। इसके साथ ही, न्यूनतम तापमान में गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर भारत में सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है, श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान $11.2^\circ C$ रिकॉर्ड किया गया।


‘अस्वस्थ’ श्रेणी में वायु गुणवत्ता (AQI 238)

 

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हवा की गुणवत्ता मापने का एक पैमाना है, जो बताता है कि हवा कितनी प्रदूषित है और यह स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकती है। 238 का AQI स्तर गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की ओर इशारा करता है:

    • ‘अस्वस्थ’ श्रेणी का अर्थ: AQI का 201 से 300 के बीच होना यह संकेत देता है कि हवा की गुणवत्ता सभी लोगों के लिए अस्वस्थ है। विशेष रूप से संवेदनशील समूहों जैसे बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित लोगों को गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।

    • प्रदूषण के कारण: श्रीगंगानगर में इस अवधि के दौरान खराब AQI के मुख्य कारण अक्सर कृषि क्षेत्रों में पराली जलाना (Stubble Burning), औद्योगिक उत्सर्जन, और वाहनों का धुआँ होते हैं। ठंडे मौसम में शांत हवाएँ और कम तापमान प्रदूषकों को ज़मीन के करीब फँसा लेते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर तेज़ी से बढ़ता है।

    • स्वास्थ्य जोखिम: इस स्तर के प्रदूषण से साँस लेने में कठिनाई, खाँसी, गले में जलन और अस्थमा के मरीजों की समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

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न्यूनतम तापमान में गिरावट और सर्दी का आगमन

 

वायु प्रदूषण के इस गंभीर माहौल के बीच, राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जो सर्दी के औपचारिक आगमन का संकेत है।

  • $11.2^\circ C$ न्यूनतम तापमान: श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान $11.2^\circ C$ रिकॉर्ड किया गया। यह गिरावट दर्शाती है कि रातें और सुबहें अब काफी ठंडी हो गई हैं।

  • मौसम पर प्रभाव: तापमान में यह गिरावट रबी की फसलों जैसे गेहूँ के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन यह वायु प्रदूषण की समस्या को भी बढ़ाती है। ठंडा मौसम और उच्च आर्द्रता प्रदूषक कणों को वातावरण में और अधिक देर तक बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे स्मॉग (धुंध और धुएँ का मिश्रण) जैसी स्थिति उत्पन्न होती है।

  • बढ़ते स्वास्थ्य जोखिम: ठंड और प्रदूषण का दोहरा प्रभाव बुजुर्गों और बच्चों के लिए जोखिम को दोगुना कर देता है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम की सैर से बचें, मास्क का उपयोग करें और गर्म कपड़े पहनकर रहें।


आवश्यक एहतियाती उपाय

 

प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए यह आवश्यक है कि वे इन दोहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए तत्काल कदम उठाएँ:

  1. प्रदूषण नियंत्रण: प्रशासन को निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने और पराली जलाने पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता है।

  2. व्यक्तिगत सुरक्षा: निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे बाहर निकलने पर N95 मास्क का उपयोग करें और घर के अंदर रहने की कोशिश करें, खासकर सुबह और शाम के दौरान जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है।

  3. गर्मी बनाए रखें: ठंड से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवाओं से खुद को बचाकर रखें।

यह स्थिति श्रीगंगानगर में पर्यावरणीय स्थिरता और जनस्वास्थ्य को लेकर तत्काल और दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️