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💨 दिल्ली-NCR पर ‘जहरीला दोहरा हमला’: प्रदूषण और फ्लू से बचने के लिए उच्च सतर्कता की अपील

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) सहित पूरे उत्तरी भारत में इस समय स्वास्थ्य का गंभीर संकट मंडरा रहा है। वायु प्रदूषण (Air Pollution) के खतरनाक स्तर पर पहुँचने के साथ-साथ मौसमी फ्लू (Seasonal Flu), जैसे कि H3N2 और इन्फ्लूएंजा, के बढ़ते मामलों ने मिलकर एक अभूतपूर्व दोहरी स्वास्थ्य चुनौती (Dual Health Challenge) पैदा कर दी है। सफदरजंग अस्पताल के शीर्ष डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से तत्काल और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।


 

⚠️ फेफड़ों पर दोतरफा वार और जोखिम में वृद्धि

 

विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि यह स्थिति सामान्य फ्लू के मौसम से कहीं अधिक गंभीर है।

  • कमजोर फेफड़े, खुला निमंत्रण: खराब हवा में मौजूद PM2.5 जैसे महीन कण फेफड़ों और श्वसन तंत्र (Respiratory System) को अंदर से कमजोर कर देते हैं। ये कण फेफड़ों में सूजन पैदा करते हैं और उनकी संक्रमण से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता को कम कर देते हैं।
  • संक्रमण का खतरा कई गुना: जब फेफड़े पहले से ही प्रदूषण से क्षतिग्रस्त होते हैं, तो वे वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं। इससे फ्लू के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं, और निमोनिया जैसी जटिलताओं का खतरा बुजुर्गों और बच्चों में कई गुना बढ़ जाता है।
  • अस्पतालों पर दबाव: विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मामलों में यह वृद्धि आने वाले हफ्तों में स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली और अस्पतालों पर भारी दबाव डाल सकती है।

 

🤰 गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष खतरा

 

चिकित्सा बिरादरी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर चिंता व्यक्त की है।

  • मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम: डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा से बचने के लिए अत्यधिक एहतियात बरतने की सलाह दी है। उच्च प्रदूषण के संपर्क में आने से न केवल मां को श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, बल्कि भ्रूण (Fetus) के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे समय से पहले जन्म (Preterm Birth) और कम वजन के बच्चे (Low Birth Weight) का खतरा बढ़ जाता है।

 

✅ बचाव के लिए विशेषज्ञों के सुझाव

 

इस दोहरे खतरे से खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित निवारक उपायों को अपनाने पर जोर दिया है:

  1. घर के अंदर रहें: जब प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ या ‘बहुत खराब’ हो, तब बाहरी गतिविधियों से पूरी तरह बचें।
  2. उच्च गुणवत्ता वाले मास्क: बाहर निकलने पर, सामान्य कपड़ों के मास्क के बजाय केवल उच्च गुणवत्ता वाले N95 या N99 मास्क का उपयोग करें।
  3. इनडोर एयर प्यूरीफायर: घरों और कार्यालयों में इनडोर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें ताकि अंदर की हवा की गुणवत्ता बनी रहे।
  4. टीकाकरण: बच्चों, बुजुर्गों और क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए फ्लू का टीका (Flu Shot) लगवाना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संक्रमण की गंभीरता को कम कर सकता है।
  5. हाइड्रेशन और पोषण: शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें और पौष्टिक आहार लें।

यह समय लापरवाही बरतने का नहीं है। व्यक्तिगत सतर्कता ही इस कठिन अवधि में स्वास्थ्य की सुरक्षा की कुंजी है।

©️ श्री गंगानगर न्यूज़ ©️