
मुंबई, महाराष्ट्र। (दिनांक: 29 अक्टूबर 2025)
बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी अपनी आगामी कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘हक’ (Haq) के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के बाद उपजे विवाद को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के ट्रेलर में कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय को गलत ढंग से चित्रित करने के आरोपों के कारण जब सोशल मीडिया पर बवाल बढ़ा, तो अभिनेता को सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
विवाद का केंद्र
विवाद तब शुरू हुआ जब फिल्म ‘हक’ के ट्रेलर में कुछ ऐसे दृश्य और संवाद दिखाए गए, जिन पर दर्शकों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया कि फिल्म में मुस्लिम समुदाय को नकारात्मक रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है या उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई है। इस गंभीर आरोप के कारण फिल्म को लेकर माहौल गरमा गया।
इमरान हाशमी की भावुक और निजी सफाई
विवाद को शांत करने के लिए, इमरान हाशमी ने फौरन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और अपनी निजी जिंदगी का उदाहरण देते हुए एक भावुक और सशक्त बयान दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी फिल्म किसी भी समुदाय, विशेषकर मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने के इरादे से नहीं बनाई गई है।
“हमारी फिल्म का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई को सामने लाना है। जो लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्हें मैं बताना चाहता हूँ कि मेरा निजी जीवन ही गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीता-जागता उदाहरण है।”
इमरान ने आगे कहा:
“मेरी पत्नी हिंदू हैं और हमारा परिवार दोनों धर्मों का समान रूप से सम्मान करता है। मेरा बेटा (अयान हाशमी) नमाज भी पढ़ता है और पूजा भी करता है। हम धर्म के नाम पर भेद नहीं करते। मेरी फिल्म भी यही संदेश देती है कि कानून और न्याय धर्म से ऊपर हैं।”
उनके इस व्यक्तिगत और स्पष्ट बयान को व्यापक समर्थन मिला है, और कई लोगों ने कहा है कि उनका बयान देश की धर्मनिरपेक्ष भावना को दर्शाता है।
‘हक’: एक ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई
फिल्म ‘हक’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जो एक सच्ची और ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई पर आधारित है। फिल्म में अभिनेता यामी गौतम भी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म जटिल सामाजिक मुद्दों को कानूनी नजरिए से देखती है।
इमरान हाशमी के इस बयान से उम्मीद है कि फिल्म अपनी रिलीज़ से पहले होने वाले अनावश्यक विवादों से मुक्त हो सकेगी और दर्शक कहानी पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।