
श्री गंगानगर, राजस्थान। (28 अक्टूबर, 2025)
श्री गंगानगर पुलिस ने लगभग दस दिन पहले हुई एक सनसनीखेज डकैती की वारदात का पर्दाफाश करते हुए ‘नकली पुलिस’ बनकर लूट करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह घटना जिले के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र के गांव 42 जीजी में हुई थी, जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के दामाद गुरचरण सिंह के घर को बदमाशों ने निशाना बनाया था।
वारदात का तरीका: पुलिस की वर्दी में पहुंचे थे बदमाश
यह डकैती अपनी प्रकृति और योजना के कारण बेहद चौंकाने वाली थी। बदमाशों ने आम चोरों की तरह नहीं, बल्कि पुलिस की वर्दी पहनकर वारदात को अंजाम दिया था। मिली जानकारी के अनुसार, करीब दस दिन पहले दिवाली से एक दिन पहले, कुछ लोग पुलिसकर्मी होने का नाटक करते हुए गुरचरण सिंह के घर में घुसे। उनके पास पिस्तौलें और अन्य हथियार थे।
घर में घुसते ही बदमाशों ने गुरचरण सिंह और उनके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने खुद को किसी सरकारी जांच एजेंसी का अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर पूरे घर की तलाशी लेने की धमकी दी। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और पिस्तौल तानकर उन्हें बंधक बना लिया। इस दौरान बदमाशों ने घर से नकद और जेवर सहित लाखों रुपये की संपत्ति लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद, सभी बदमाश मौके से फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस की कड़ी मशक्कत और सफलता
वारदात की गंभीरता को देखते हुए, श्री गंगानगर पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने विभिन्न तकनीकी और मानव स्रोतों का उपयोग करते हुए, कड़ी जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन ट्रैक किए और मुखबिरों से जानकारी जुटाई।
कड़ी मेहनत के बाद, पुलिस को इस गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर राजस्थान और पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। आखिरकार, पुलिस टीम ने डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करते समय, उनकी पहचान छिपाए रखने के लिए, उन्हें ‘बापर्दा’ रखा।
गिरोह का अंतर-राज्यीय कनेक्शन
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह न केवल राजस्थान, बल्कि पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब में भी सक्रिय था। ये अपराधी धनी और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाते थे और उन पर पुलिस या सरकारी अधिकारी होने का रौब झाड़कर लूटपाट करते थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने तथा लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इस लूटपाट के पीछे कोई और बड़ा आपराधिक नेटवर्क भी शामिल है।
पुलिस का यह खुलासा श्री गंगानगर में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने स्थानीय निवासियों को कुछ राहत दी है।