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श्रीगंगानगर: नशा तस्करों पर प्रशासन का ‘बुलडोजर एक्शन’, 6 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति ध्वस्त; ‘नशा मुक्त’ अभियान को मिली धार

श्रीगंगानगर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में पुलिस और जिला प्रशासन ने मिलकर संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और कठोर कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘नशा मुक्त राजस्थान’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में, कुख्यात नशा तस्करों की लगभग 6 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति पर सरकारी बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया गया। इस ‘बुलडोजर एक्शन’ ने जिले के अन्य अपराधियों और तस्करों को एक सख्त संदेश दिया है।

जिला पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के नेतृत्व में यह संयुक्त कार्रवाई कई दिनों की योजना और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। प्रशासन ने उन कुख्यात तस्करों और उनके सहयोगियों को निशाना बनाया, जिन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी के काले कारोबार से करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली थी। इन संपत्तियों में आलीशान मकान, अवैध गोदाम और फार्महाउस शामिल थे, जिन्हें तस्करों द्वारा अपने अपराधों के संचालन और अवैध कमाई को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिन तस्करों की संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है, वे लंबे समय से श्रीगंगानगर और सीमावर्ती क्षेत्रों में हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की आपूर्ति में सक्रिय थे। इन तस्करों पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं और कुछ तो जेल में बंद हैं, जबकि कुछ अभी भी फरार हैं। पुलिस ने उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत जब्त करने के बाद ध्वस्त करने की प्रक्रिया पूरी की।

कार्रवाई के दौरान, भारी पुलिस बल और आरएसी (राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी) को तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना या विरोध को रोका जा सके। बुलडोजर ने चिह्नित किए गए स्थानों पर पहुंचकर एक-एक कर अवैध निर्माणों को ढहा दिया। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा और अपराधियों में खौफ पैदा हुआ।

जिला पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्रवाई न केवल अवैध निर्माणों को हटाने तक सीमित है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार और पुलिस ‘नशा मुक्त’ श्रीगंगानगर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हम नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बख्शेंगे नहीं। उनकी कमर तोड़ने के लिए यह आर्थिक चोट सबसे जरूरी थी। अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने और ध्वस्त करने का यह सिलसिला भविष्य में भी जारी रहेगा।”

प्रशासन की इस कठोर पहल की जिलेभर में सराहना हो रही है। आम जनता और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे ‘नशा मुक्त’ समाज की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।

गौरतलब है कि श्रीगंगानगर जिला, अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटा होने के कारण, अक्सर मादक पदार्थों की तस्करी का एक संवेदनशील रूट रहा है। ऐसे में, यह बड़ी कार्रवाई न केवल अपराध पर नियंत्रण का काम करेगी, बल्कि युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के सरकारी प्रयासों को भी मजबूती देगी। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी को भी नशा तस्करों या अवैध संपत्तियों के बारे में कोई जानकारी हो तो वह निर्भीक होकर प्रशासन को सूचित करे।

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