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गोल्डन बॉय’ नीरज चोपड़ा बने लेफ्टिनेंट कर्नल, सैन्य और खेल जगत का अनूठा संगम

भारत के गौरव, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा के लिए बुधवार का दिन उनके शानदार करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि लेकर आया। उन्हें भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल (Honorary Lieutenant Colonel) के पद से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देश की रक्षा और खेल, दोनों क्षेत्रों में उनके असाधारण योगदान और समर्पण को मान्यता देता है।

नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने नीरज चोपड़ा को यह सम्मान चिन्ह प्रदान किया। इस समारोह ने एक ऐसे खिलाड़ी का सम्मान किया, जिसने वैश्विक स्तर पर तिरंगा लहराया है और भारतीय सेना में एक गैर-कमीशंड अधिकारी के रूप में अपनी सेवा जारी रखी है।

नीरज चोपड़ा पहले से ही भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट में सूबेदार मेजर के पद पर कार्यरत थे। उनका यह नया मानद पद खेल और सैन्य सेवा के बीच एक अटूट बंधन को मजबूत करता है। टेरिटोरियल आर्मी (TA) में यह सम्मान ऐसे विशिष्ट नागरिकों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया हो और सेना के मूल्यों को बढ़ावा दिया हो।

इस अवसर पर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नीरज चोपड़ा की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीरज ने न केवल भारत के लिए ओलंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि उन्होंने अपनी सैन्य पृष्ठभूमि से अनुशासन, दृढ़ संकल्प और समर्पण जैसे गुण भी प्रदर्शित किए हैं। उन्होंने कहा, “लेफ्टिनेंट कर्नल का यह पद नीरज के लिए एक प्रेरणा है, और यह देश के युवाओं को खेल के साथ-साथ सेना में भी शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”

नीरज चोपड़ा ने इस सम्मान पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए इसे अपने लिए अत्यधिक गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना का हिस्सा होना मेरे लिए सम्मान की बात है। मेरा पहला प्यार खेल है, लेकिन सेना ने हमेशा मुझे अनुशासन और समर्थन दिया है। मैं इस नए पद को पूरी जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करता हूँ और देश की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा, चाहे वह मैदान पर हो या सेना की वर्दी में।”

यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि यह नीरज चोपड़ा को उनकी युवा अवस्था में ही मिला है, जो उनकी असाधारण प्रतिभा और देश के प्रति उनके निस्वार्थ भाव को दर्शाता है। यह भारत सरकार का एक तरीका है जिससे वह खेल जगत के नायकों को प्रोत्साहित करती है और उन्हें राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में स्थापित करती है। नीरज चोपड़ा अब खेल के मैदान के साथ-साथ भारतीय सेना के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के रूप में भी युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

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